
धार्मिक किताबों में ध्यान लगा रही श्वेता विजय, मोनिका सबसे अलग
इंदौर. हनी ट्रेप के मामले में महिला जेल में बंद आरोपी युवतियों की गतिविधियों पर हर समय नजर रखी जा रही है। जेल में श्वेता विजय ने घर से धार्मिक किताबें बुलाई है जिसके जरिए अधिकांश समय -अलग ज्ञान प्राप्ति की कोशिश करती है, मोनिका ने भी सभी से दूरी बना रखी है।
परिवार के लोगों ने बार-बार जेल पहुंचकर आरोपियों से मुलाकात की, हर बार जमानत पर ही चर्चा होती थी। शुरुआत में बाहर से खाद्य सामग्री जेल के अंदर पहुंचाने के प्रयास परिजनों ने किए लेकिन जेल प्रबंंधन के साफ इनकार करने के बाद जेल का भोजन ही खाना पड़ रहा है। जेल में सभी आरोपी युवतियों को अलग बैरेक में रखा गया है, जब बैरेक से बाहर आती है तो उस दौरान भी अधिकांश समय वे एक दूसरे से दूर ही रहती है। मोनिका ने तो जेल में आरती से भी दूरी बना ली है जबकि अन्य आरोपियों के बीच मुलाकात होती रहती है। पिछले दिनों पुलिस टीम ने जेल में जाकर आवाज के नमूने लिए उस दौरान भी मोनिका ने सरकारी गवाह बनाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल किए लेकिन अफसरों ने कुछ जवाब नहीं दिया। जेल प्रबंधन ने सभी युवतियों को सख्त हिदायत दी है कि उनकी गतिविधि पर पूरे समय नजर है इसलिए ऐसी कोई हरकत न करें जिससे परेशानी बने।
श्वेता विजय ने परिजनों के जरिए कुछ धार्मिक किताबें बुलाने का आग्रह किया था जिसे जेल प्रबंंधन ने स्वीकार कर लिया और उसके घर से आई किताबें उपलब्ध कराई है। श्वेता जेल में इन्हीं किताबों में खोई रहती है। हालांकि जब उन्हें भोपाल सीआईडी द्वारा मानव तस्करी के मामले में गिरफ्तारी करने व कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने के लिए प्रोडक्शन वारंट की जानकारी मिली तो श्वेता व आरती बैचेन हो गई है।
भोपाल एसआईटी ने तेज की रुपा, अभिषेक की तलाश
एसआईटी की जांच के दौरान आरती दयाल की साथी रूपा मूल निवासी छतरपुर व श्वेता विजय के कर्मचारी अभिषेक के नाम सामने आए थे। अभिषेक के जरिए मोनिका आरोपियों तक पहुंची थी जबकि रूपा नगर निगम इंजीनियर के साथ मुलाकात के दौरान मौजूद थी। भोपाल में एसआईटी की टीम ने दोनों के मामले में काफी जानकारी निकाली है, जल्द ही गिरफ्तारी की तैयारी है।
Published on:
27 Oct 2019 01:27 pm
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