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सोने-चांदी के दाम में आई भारी गिरावट, खरीदने का यही है सही मौका

सराफा बाजार हुआ गुलजार, पिछले साल से सोना 8 हजार और चांदी 5 हजार रुपए तक हुई सस्ती।

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इंदौर. कोरोना महामारी के बाद मेगा वैक्सीनेशन के बाद सोना चांदी के दाम में लगातार गिरावट का दौर जारी है। पिछले एक साल में सोने के दाम लगातार घट रहे हैं। लोगों में कोरोना के बाद रिकवरी कर रही इकोलॉमी में निवेश करने लगे है और सेफ निवेश माने जाने वाले सोने में कम रुचि ले रहे हैं।

हालांकि ज्वेलरी की खरीददारी में उछाल आ गया है। पिछले साल त्योहारी माहौल की तुलना में वर्तमान में ही दो-तीन गुना यानी 300 प्रतिशत तक व्यापार बढ़ गया है। वर्तमान में शादी के साथ त्योहार की ज्वेलरी की खरीदी भी खूब हो रही है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक पिछले 7 दिनों में 24 कैरेट सोने प्रति 10 ग्राम में 749 रुपये की गिरावट आई है वही एक किलोग्राम चांदी की कीमत में 1745 रुपये गिरावट आई है। हालांकि सराफा हॉल मार्किंग ज्वैलरी में लोगों का विश्वस बढ़ने से सराफा में ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी है। वही नए-नए पैटर्न की आकर्षक ज्वेलरी भी लोगों को खूब भा रही है। दूसरी तरफ कोरोना के चलते लोगों का शादी का बजट कम हो गया और इसका सीधा फायदा सराफा बाजार को मिला लोग अपनों के लिए जमकर सोना - चांदी खरीद रहे हैं। सराफा कारोबारियों की माने तो दो साल बाद बाजार में अच्छा कारोबार हो रहा है।

कारोबारियों के अनुसार कोरोना के सालों की तुलना में इस साल रक्षाबंधन और गणेशोत्सव से ही सराफा का कारोबार बेहतर हो गया है, क्योंकि लोग शादी के साथ ही त्योहारी बुकिंग और खरीदी कर रहे है। सराफा कारोबारियों में बदले माहौल को ले कर खासा उत्साह है। अब आगामी पुष्य नक्षत्र, धनतेरस और दीपावली पर खरीदी की विशेष तैयारी कर रहे हैं।

कारोबारियों के अनुसार वर्तमान में सोन-चांदी के दाम स्थिर और रीजनेबल बने हुए हैं। पिछले साल अगस्त में सोना 58-60 हजार रुपए व सितंबर में 55 हजार के आसपास बिका। इस साल सोने के दाम 46 से 48 हजार के बीच बने हुए हैं। चांदी भी 76 हजार के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। इस साल 61 से 64 हजार के आसपास बनी हुई है। सरकार ने हॉल मार्किंग अनिवार्य करके बाजार की विश्वसनीयता को और बढ़ा दिया है।

आनंद ज्वेलर्स के गौरव आनंद का कहना है, वर्तमान में सराफा का कारोबार बहुत अच्छा है। ज्वेलरी की मांग अच्छी है। कोरोना के बाद जिस तरह के बदलाव आए हैं, उसका फायदा बाजार को मिल रहा है। शादियों की खरीदी के लिए लोगों की सोच बदल गई है। तीन साल पहले हल्की ज्वेलरी का ट्रेंड था। अब बदल गया है, शादी के लिए भारी गहने खरीद रहे हैं। शुद्धता के साथ ऑफर के बजाय नए-नए डिजाइन पैटर्न ला रहे हैं। आने वाले दिनों में मांग और बढ़ेगी।