
पति की मौत : पत्नी के दावे पर 14 लाख का होम लोन माफ, बच्चों की पढ़ाई के लिए मिलेंगे 1 लाख
इंदौर. कोविड काल के दौरान मिले जख्म को भरने से जुड़ा एक फैसला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया है। पति की मौत के बाद पत्नी द्वारा लगाए गए दावे में आयोग ने 14 लाख का होम लोन माफ करने के साथ बच्चों की पढ़ाई के लिए एक लाख की राशि देने के आदेश दिए हैं।
यह राशि पीड़ित उषा पति राजेश कटारिया निवासी सिल्वर स्प्रिंग पत्थर मुंडला बायपास को मिलेगी। इसे एक निजी हाउसिंग लिमिटेड व जनरल इंश्योरेंस कंपनी को चुकाना होगा। फैसला आयोग अध्यक्ष बलराद कुमार पालौदा, सदस्य कुंदनसिंह चौहान, साधना शर्मा की बेंच ने दिया। परिवादी की ओर से अधिवक्ता अरुण गुप्ता ने केस लड़ा।
परिवादी उषा कटारिया के पति राजेश कटारिया ने 2017 में एक निजी बैंक से 22 लाख का होम लोन 20 वर्ष की अवधि के लिए लिया। इसकी मासिक किस्त 21,231 रुपए तय थी। राजेश कटारिया के जीवित रहते नियमित रूप से किस्त कटती रही। 2021 में उनकी मौत हो गई। क्लेम के लिए पत्नी ने दावा पेश किया पर बैंक ने मना कर दिया। आयोग में केस दायर किया गया। आयोग ने आदेश में परिवादी पर बकाया होम लोन की राशि 14 लाख 83 हजार 959 रुपए व वर्तमान में जो बकाया राशि हो वह माफ करने के आदेश दिए। साथ ही पॉलिसी अनुसार बच्चों की शिक्षा के लिए परिवादी के दो बच्चों की शिक्षा के लिए मिलने वाली क्षतिपूर्ति एक लाख देने के आदेश दिए। 30 हजार क्षति स्वरूप व व्यय के लिए मिलेंगे।
Published on:
12 Feb 2023 11:36 am
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
