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इंदौर आइआइटी : 5जी तकनीक की क्षमता बढ़ेगी

डेटा दरों और विश्वसनीयता में मिलेगी गुणवत्ता

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इंदौर

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Ramesh Vaidh

Oct 28, 2023

इंदौर आइआइटी : 5जी तकनीक की क्षमता बढ़ेगी

विद्यार्थियों और स्टार्टअप समुदाय की 5-जी तकनीक की क्षमता बढ़ेगी
इंदौर. देशभर में बनने वाली सौ 5जी लैब के लिए आइआइटी इंदौर का भी चयन हुआ है। इसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस के सातवें संस्करण के उद्घाटन के दौरान की। इस लैब का लाभ विद्यार्थियों और स्टार्टअप समुदायों को मिलेगा, जिनमें 5जी तकनीक की क्षमता बढ़ेगी।
5जी लैब भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा स्थापित होना है। इसकी लागत पर आने वाले आर्थिक हिस्से का 80 फीसदी सरकार देगी, जबकि 20 प्रतिशत खर्च आइआइटी इंदौर को वहन करना होगा। इसके माध्यम से सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में 5जी एप्लीकेशन के विकास और प्रयोग की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही डेटा दरों और विश्वसनीयता के संदर्भ में सेवा गुणवत्ता मिलेगी।
50 विद्यार्थियों का प्रशिक्षण जरूरी
लैब इंस्टालेशन में पूंजीगत व्यय का 80 प्रतिशत सरकार से हासिल करने के लिए संस्थान को 5जी लैब में कम से कम 50 छात्रों और 10 संकाय सदस्यों को प्रशिक्षित करना होगा। आइआइटी इंदौर एडवांस्ड क्वांटम पर ध्यान केंद्रित करेगा। वैश्विक स्तर पर रिसर्च इनोवेशन को प्रदर्शित करेगा। 5जी लैब उपकरण में प्रबंधन डैश बोर्ड के साथ लैब की जरूरतों को पूरा करने के लिए 5जी एसए इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी सिम, आइओटी गेटवे, राउटर, सर्वर शामिल होंगे।

यह जिमेदारी सौंपी जाना संस्थान के लिए गर्व का क्षण है। 5जी तकनीक का उद्देश्य मशीन, वस्तु और उपकरण सहित सभी चीजों को वर्चुअल रूप से कनेक्ट करना है।
प्रो. सुहास जोशी, निदेशक आइआइटी इंदौर

आइआइएम इंदौर क्यूएस ग्लोबल एमबीए रैंकिंग-2024 में 5वें स्थान पर
इंदौर. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत उपस्थिति के कारण आइआइएम इंदौर को क्यूएस ग्लोबल एमबीए रैंकिंग-2024 में पांचवां स्थान मिला है। क्यूएस ग्लोबल रैंकिंग में आइआइएम इंदौर एशिया में 27वें स्थान पर रहा तो 151 प्लस बैंड में एमआइएम (मास्टर्स इन मैनेजमेंट) रैंकिंग में सभी आइआइएम की सूची में छठे स्थान पर है। यह शैक्षणिक उत्कृष्टता और भविष्य के प्रबंधकों को विकसित करना व्यक्त करता है। आइआइएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने कहा कि इस उपलब्धि में योजनाओं में पीजीपी और आइपीएम कार्यक्रमों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाना शामिल है। इससे यह तय किया जा सके कि हमारी विश्व स्तरीय शिक्षा से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हों।