दुनिया हमें सोने की चिडिय़ा कहती थी। यहां कोई भिखारी नहीं था और न चोर। लोग ताला नहीं लगाते थे। हमने दुनिया को आयुर्वेद, गणित और भौतिक ज्ञान, संस्कृति, मूल्य धर्म दिया।
धर्म यानि पूजा नहीं। बंधुभाव, मानवता है। इसलिए हमारे देश को धर्मप्राण देश कहा जाता है।
भारत-पाक भाई, लेकिन कौरव-पांडव जैसे : होसबोले
संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रय होसबोले के मुताबिक, भारत-पाक ठीक उसी तरह भाई-भाई हैं, जैसे कौरव-पांडव। होसबोले ने कहा, हम पूरे विश्व को परिवार मानते हैं तो पाकिस्तान, बांग्लादेश को क्यों नहीं? वे विश्व संघ शिविर के समापन के बाद मीडिया से रूबरू थे। उन्होंने स्वीकारा कि संघ प्रमुख का दुनिया में डंका बजाने का आह्वान और पीएम मोदी की दुनिया के देशों की यात्रा का उद्देश्य एक ही है।