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भारत केसरी नासिर ने जार्जिया के जूरा को १४ मिनट में किया चित

बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में कुश्ती स्पर्धा, इंदौर की अपूर्वा ने रोहतक की पहलवान को हराया

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इंदौर. बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में रविवार को मिट्टी में हुई कुश्ती में भारतीय पहलवानों का दबदबा कायम रहा। भारत केसरी व स्वर्ण विजेता पहलवान नासिर कुरैशी ने जार्जिया के ही जूरा को 14 मिनट के मुकाबले के बाद आसमान दिखा दिया। एशियन चैंपियन अनिल कुमार व दिल्ली के पवन कुमार काला पहलवान का मुकाबला 30 मिनट तक रोचक अंदाज में हुआ, लेकिन अंत में इसे बराबरी पर समाप्त करवा दिया।

एक अन्य कुश्ती रोहतक के सुनील व रिंग के किंग के हीरो विकास कुमार के बीच बराबरी पर समाप्त हुई। दिल्ली चैंपियन मो. अजरुद्दीन व मप्र केसरी रेहान गामा का मुकाबला भी कांटे का हुआ, लेकिन फैसला नहीं हो सका। अन्य मुकाबलों में अंकुश यादव, विजय भाटिया, बबलू यादव, मनीष ठाकुर, धनंजय पहलवान, वसीम चीना, जयदीप पहलवान, तनवीर पहलवान, सन्नी जाधव, तेज पहलवान, नवीन यादव, इरशाद पहलवान, राहुल वर्मा, आकाश यादव, कुलदीप मंडलोई, इरफान पहलवान, जहांगीर पहलवान तथा रिजवान पहलवान विजयी रहे।

इंदौर की अपूर्वा ने रोहतक की प्रतिभा का 12 मिनट के कड़े मुकाबले के बाद पराजित किया। सफल पहलवानों को विधायक सुदर्शन गुप्ता, कैलाश शर्मा, आकाश विजयवर्गीय, संजय लुणावत, मनस्वी पाटीदार, मनीष बजाज, नरेश वर्मा, अमान मेमन व अंसाफ अंसारी के आतिथ्य में पुरस्कृत किया गया।

मानसी के नहीं आने से कुश्तीप्रेमी मायूस : दंगल में नेपाल की महिला पहलवान मानसी के नहीं आने से कुश्तीप्रेमी मायूस दिखे। आयोजकों का कहना था कि मानसी ने वार्षिक परीक्षा के चलते नहीं आने का निर्णय लिया है, जबकि दिनभर आयोजक मानसी के इंदौर पहुंचने की बात कर रहे थे।

कुश्ती के लिए हमेशा कायम रहा है जुनून
पहलवान अकील गद्दी-विदिशा के रहने वाले १६ साल के पहलवान अकील गद्दी दसवीं क्लास के स्टूडेंट्स हैं। वजन ५५ किलोग्राम है। पिछले एक साल से कुश्ती लड़ रहे है। उन्होंने बताया कि पिता भी पहले कुश्ती करते थे, लेकिन शादी के बाद कुश्ती छोडक़र किसानी अपना ली। घर की आर्थिक कमजोर होने के बावजूद कुश्ती के लिए जुनून कायम रहा। पिता ने परवरिश के कारण कुश्ती छोड़ी थी। इसलिए उनके अधूरे ख्वाब को पूरा करने के लिए मैं कुश्ती में उतरा हूं। अब इसी कुश्ती के कारण स्थिति में सुधार होने लगा है। प्रदेश को १० गोल्ड मेडल दिला चुका हूं।

आज हुआ सपना पूरा
जार्जिया के थेड़ो ने पत्रिका के खास चर्चा में कहा कि भारत में कुश्ती का माहौल जबरदस्त है। यहां के पुरुष व महिला पहलवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। यहां मिट्टी पर लड़ी जाने वाली कुश्ती में शामिल होने से नया अनुभव मिलता है। इंदौर में कुश्ती के बारे में मित्रों से जानकारी मिली थी। मिट्टी पर होने वाले दंगल में शामिल होना मेरा सपना था, आज पूरा हो गया।

दूध-जलेबी रहेंगे याद
जार्जिया के अंतरराष्ट्रीय पहलवान जूरो ने चोट के बावजूद चुनौती देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने बताया कि शहर में मिट्टी पर हुए दंगल में इतनी बड़ी संख्या में दर्शकों को देखकर रोमांचित हो गया। जूरा ने यहां दूध-जलेबी का आनंद भी लिया।