
राजस्व वसूली में पिछड़ा भारत का ये रेल मंडल, अब इस तरह यात्रियों से वसूली कर होगा टारगेट पूरा
वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले हर सरकारी विभाग अपने राजस्व वसूली के टारगेट को पूरा करने में लग जाता है। ऐसे ही हाल रेलवे के भी हैं। सबसे ज्यादा भागदौड़ रतलाम रेल मंडल को करना होगी, क्योंकि, अन्य मंडलों के मुकाबले रतलाम रेल मंडल राजस्व वसूली में पिछड़ा हुआ है। अब टिकट चेकिंग के काम में तेजी लाने के निर्देश चेकिंग स्टाफ को मिले हैं।
पश्चिमी रेलवे ने सभी मंडलों को 140 करोड़ का राजस्व पूरा करने का लक्ष्य दिया था, लेकिन दिसंबर तक रतलाम मंडल को छोड़कर सभी ने अपना टारगेट पूरा कर लिया। पश्चिमी रेलवे के अंतर्गत आने वाले 8 मंडलों को तीन माह का अतिरिक्त 30 करोड़ रुपए राजस्व वसूली का टारगेट दिया गया है। ये टारगेट जनवरी, फरवरी और मार्च माह में बांटा गया है। वहीं, रतलाम रेल मंडल को पुराने बचे और तीन माह के नए अतिरिक्त टारगेट को एक साथ पूरा करना होगा। रतलाम मंडल को जनवरी में 2.87 करोड़, फरवरी 3.61 करोड और मार्च 6.03 करोड़ का लक्ष्य है।
चैकिंग से वसूली
रेलवे अपने राजस्व के बड़े हिस्से की पूर्ति टिकट चेकिंग से मिले राजस्व से करता है। स्टेशन पर बिना प्लेटफॉर्म टिकट कई लोग प्रवेश कर जाते हैं। वहीं, बिना टिकट के भी यात्री ट्रेन में देखे जा सकते हैं। कई लोग जिस श्रेणी का टिकट लेते हैं, उससे उच्च श्रेणी के कोच में सवार हो जाते हैं।
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Published on:
29 Jan 2023 03:12 pm
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