
इंदौर की 26 कॉलोनी फिर अवैध, 65 हजार रहवासी संकट में
उत्तम राठौर. इंदौर
वर्षों पहले वैध हुई शहर की 26 कॉलोनियों को फिर से अवैध घोषित कर दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने यह फैसला लिया। अब इन कॉलोनियों में नक्शे मंजूरी पर रोक लग गई है। अवैध घोषित हुई कॉलोनियों में आईडीए की भी कई स्कीम शामिल हैं।
अवैध से वैध हुई कॉलोनियों के मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया था, जिसके बाद प्रदेश में जितनी भी कॉलोनियों को वैध किया गया था, वे फिर से अवैध हो गईं। हाईकोर्ट का आदेश आते ही निगम के कॉलोनी सेल ने शहर की उन कॉलोनियों को भी अवैध घोषित करना शुरू कर दिया है, जो वर्षों पहले वैध हुई थीं। इन 26 कॉलोनियों में कई पॉश कॉलोनी भी हैं। इनमें अब कोई नया निर्माण नहीं होगा, साथ ही नक्शे मंजूरी पर रोक लगाई जा रही है। वहीं ऑनलाइन नक्शा पास करने वाली ऑटोडीसीआर सेल से कॉलोनियों के ले-आउट को भी हटाया जा रहा है। इसके पहले कांग्रेस सरकार आने के बाद हुईं 164 वैध कॉलोनियों को भी अवैध घोषित किया गया था।
इसलिए हुईं अवैध
हाईकोर्ट के आदेश के बाद कॉलोनी सेल नियम-कायदे देखकर कार्रवाई कर रहा है। इन कॉलोनी को कॉलोनाइजर नियम 1998 के नियम 15-ए के तहत ही वैध किया गया था। हाईकोर्ट ने इस धारा को ही समाप्त कर दिया तो इनकी वैधता भी खत्म हो गई। इसीलिए इन्हें अवैध कॉलोनियों की लिस्ट में डाल दिया।
इन कॉलोनियों को किया अवैध
गिरधर नगर, श्याम नगर एनेक्स (प्रथम व द्वितीय), पाश्र्वनाथ नगर, अंसार नगर, विराट नगर, सागर विहार, राही नगर एक्सटेंशन, विशाल नगर, विश्वकर्मा नगर, सर्वसुविधा नगर, वैभव नगर (एक्सटेंशन), सुख शांति नगर, कंधारी नगर, राधिका कॉलोनी, एज्युकेशनिष्ट कॉलोनी, दीपक नगर, चौहान नगर, हिना पैलेस। ॉ
आईडीए की इन योजनाओं पर संकट
आईडीए की योजना क्रमांक-46, 139, 49 के सेक्टर, योजना क्रमांक 38 भाग, बृजविहार कॉलोनी, योजना क्रमांक-97 भाग 4 (व्यवस्थापन अंतर्गत नियमितिकरण), योजना क्रमांक-94 सेक्टर जी में स्थित न्यू इंदिरा एकता नगर एवं चौहान नगर का किया गया व्यवस्थापन संकट में आ गया है।
हाईकोर्ट के धारा 15-ए को खत्म करने के आदेश का पालन करते हुए 26 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया है। आदेश जारी किया जा रहा है।
देवेंद्र सिंह, अपर आयुक्त, कॉलोनी सेल
Published on:
01 Aug 2019 11:18 am
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