
special story of world environment day
पवन सिंह राठौर, इंदौर।
इंदौर-भोपाल के बीच बनने वाले ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के लिए एमपीआरडीसी युद्ध स्तर पर जुटा है। फ्रेंड्स ऑफ एमपी में सीएम की घोषणा के बाद इस पर काम शुरू कर दिया गया और कंसल्टेंट की नियुक्ति कर दी गई है। चार महीने में इस कॉरिडोर की पूरी रिपोर्ट और खाका तैयार हो जाएगा। इसके बाद जमीन पर उतारने के लिए निवेशक बुलाए जाएंगे।
इंदौर से भोपाल की दूरी कम करने के लिए ग्रीन फील्ड कॉरिडोर की संकल्पना की गई। इसके लिए तकरीबन तीन हजार करोड़ का प्रस्ताव बनाकर केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को भेजा गया, जिसकी मंजूूरी के बाद एमपीआरडीसी ने काम शुरू कर दिया। इस साल की शुरुआत में कंसल्टेंट की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जो अब जाकर पूरी हुई है। एमपीआरडीसी ने गुडग़ांव की फीडबैक इंफ्रा प्रा. लि. को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। इसके अनुसार कंसल्टेंट को चार महीने में सर्वे, फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर बनाकर देना होगी। इस काम के लिए आरडीसी कंसल्टेंट को 5.37 करोड़ रुपए का भुगतान करेगा।
सरकारी जमीन लेने पर जोर
कॉरिडोर को 157 किमी लंबा बनाने के लिए कोशिश भी रहेगी कि कॉरिडोर सीधा रहे, ताकि इंदौर से भोपाल के बीच की दूरी कम हो सके। अलाइनमेंट कुछ इस तरह से भी किया जाएगा कि ज्यादा से ज्यादा सरकारी जमीन उसमें आए। इसके लिए राजस्व विभाग के नक्शों, खसरा रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जाएगा।
यह है ग्रीन फील्ड कॉरिडोर
ग्रीन फील्ड कॉरिडोर इंदौर से भोपाल के बीच सीधा रास्ता होगा। सिक्स लेन का यह कॉरिडोर केवल उन्हीं के लिए उपयोगी है, जिन्हें इंदौर से भोपाल सीधे यात्रा करना है। इस कॉरिडोर पर बीच में कोई दूसरी रोड नहीं जुड़ेगी और इंदौर से भोपाल का सफर मात्र दो घंटे में पूरा हो जाएगा।
कॉरिडोर पर बसेगा नया शहर
कॉरिडोर की संकल्पना केवल इतनी ही नहीं है कि सिक्स लेन रोड होगी, बल्कि यहां पूरा शहर बसाए जाने का ख्वाब देखा गया है। यहां इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक हब के साथ रियल इस्टेट का विकास प्रस्तावित है। इसके तहत स्मार्ट सिटी, रिक्रेयशन सेंटर, रिसोर्ट, एजुकेशन व मेडिकल हब, फूड प्रोसेसिंग व कृषि उत्पाद सेंटर, मूल सुविधाएं व रेस्टोरेंट बनाए जाएंगे।
Published on:
22 May 2018 12:00 pm
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