कलेक्टर पी नरहरी ने इंदौर की कमान संभालते ही बस्ती का दौरा कर रहवासियों को नारकीय जीवन से छुटकारा दिलाने का वादा किया था। रविवार को ये योजना सफल होती तब नजर आई, जब एक साथ बस्ती खाली होना शुरू हुई। हालांकि सुबह निगम अधिकारियों को बस्ती वालों ने घेर लिया। इसमें वो 200 से ज्यादा परिवार थे, जो लॉटरी के दायरे में नहीं आ पाए थे। इन लोगों का कहना था, हमारे पास भी पट्टे हैं। अधिकारियों ने समझाइश दी कि एक भी परिवार बेघर नहीं रहेगा, केवल कागजी कार्रवाई पूरी करने दे। इसके बाद स्थानीय पार्षद रत्नेश बागड़ी के सहयोग से रहवासियों को एक एक कर बस्ती से बाहर निकालना शुरू किया।