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मणिपुर में गैंगरेप पीड़िता की ढाई साल बाद मौत, कुकी समुदाय का फूटा गुस्सा

Manipur Violence Gang Rape Case: मणिपुर में 2023 की जातीय हिंसा के दौरान गैंगरेप की शिकार बनी कुकी समुदाय की युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के दो साल बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से न्याय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

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भारत

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Kuldeep Sharma

Jan 19, 2026

Manipur Rape Survivor Dies

गैंगरेप की शिकार बनी कुकी समुदाय की युवती की इलाज के दौरान हुई मौत। (Photo-IANS)

Kuki Community Outrage: मणिपुर की जातीय हिंसा से जुड़ा एक बेहद दर्दनाक मामला फिर सामने आया है। मई 2023 में सामूहिक बलात्कार की शिकार बनी कुकी समुदाय की एक युवती की 10 जनवरी को गुवाहाटी में इलाज के दौरान मौत हो गई है। विरोध कर रहे संगठनों ने कहा कि वह कभी भी बलात्कार की भयावह घटना से मिले शारीरिक और मानसिक आघात से उबर नहीं पाई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद न तो आरोपियों की पहचान हो सकी और न ही गिरफ्तारी हो पाई है। इसके चलते कुकी समुदाय में गुस्सा और असुरक्षा की भावना और गहरी हो गई है।

अपहरण, गैंगरेप और ढाई साल का दर्द

FIR और संगठनों के मुताबिक, 15 मई 2023 को इंफाल के न्यू चेकॉन इलाके में एक ATM बूथ के पास से युवती का अपहरण कर लिया गया था। आरोप है कि जातीय हिंसा के दौरान कुछ लोगों ने उसे सशस्त्र समूह (Armed Group) के सदस्यों को सौंप दिया था। इसके बाद उसे पहाड़ी इलाके में ले जाकर तीन लोगों ने कथित तौर पर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और गंभीर हालत में नाले में फेंक दिया गया था। पास से गुजर रहे एक ऑटो चालक ने उसे घायल अवस्था में पाया, जिससे उसकी जान बच सकी। बाद में पीड़िता इंफाल घाटी से भागकर कांगपोकपी पहुंची और फिर इलाज के लिए कोहिमा और गुवाहाटी रेफर की गई।

इलाज चलता रहा, लेकिन न्याय नहीं मिला

पीड़िता ने जुलाई 2023 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर FIR भी हुई। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की गंभीर धाराएं लगाई गईं, लेकिन इसके बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ सकी।

संगठनों का कहना है कि युवती गर्भाशय संबंधी जटिलताओं और गहरे मानसिक तनाव से जूझ रही थी। पीड़िता का दो साल तक इलाज चला, लेकिन उसे न्याय मिलने की उसकी उम्मीद अधूरी ही रह गई। आखिरकार 10 जनवरी को उसकी मौत हो गई। समुदाय सीधे तौर पर पीड़िता की मौत को 2023 की हिंसा का नतीजा बता रहा है।

विरोध, कैंडल मार्च और अलग प्रशासन की मांग

पीडिता की मौत के बाद कुकी समुदाय में भारी आक्रोश है। समुदाय द्वारा चुराचंदपुर और दिल्ली समेत कई जगहों पर विरोध कर न्याय की मांग की गई। इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम और अन्य संगठनों ने कैंडललाइट मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी।

संगठनों का कहना है कि मौजूदा हालात में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है। साथ ही, दोषियों को सजा न मिलना न्याय से इनकार कहा जा सकता है। इसी के साथ अलग प्रशासन की मांग भी फिर तेज हो गई है। समुदाय का कहना है कि यह मामला केवल एक महिला के साथ हुए अपराध का नहीं है, बल्कि मणिपुर हिंसा के दौरान अन्य महिलाओं की सुरक्षा का भी है। साथ ही, इस घटना ने मणिपुर में न्याय व्यवस्था की विफलता को उजागर किया है।