
Indore Fire Tragedy: पुगल्या परिवार के सदस्यों की हंसती-मुस्कुराती जिंदगी तबाह (photo:patrika)
Indore Fire Tragedy: मध्य प्रदेश के इंदौर अग्निकांड से लोगों के दिल दहशतजदा हैं... इस दर्दनाक हादसे ने एक ही परिवार के 8 लोगों की जिंदगी अचानक छीन ली। परिवार की खुशियां एक पल में मातम में बदल गईं। लेकिन दिल दहला देने वाले इस मामले में एक ऐसी कहानी भी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। भारतीय परिवार की एक छोटी सी परम्परा ने छोटी बहू की जिंदगी बचा ली। पढ़ें ये राहत भरी खबर...
जिस वक्त घर में आग लगी, उस वक्त परिवार के ज्यादातर सदस्य घर के निचले हिस्से में सो रहे थे। अचानक आग भड़की और कुछ ही मिनटों में पूरे घर-परिवार को चपेट में ले लिया। धुआं और लपटें इतनी तेजी से फैली कि अंदर फंसे लोगों को घर से बाहर निकलने का मौका तक न मिला।
परिजन ने बताया कि फरवरी में मनोज ने मंझले बेटे सोमिल की शादी पेटलावद की सखी से की थी। गणगौर पर बहू मायके गई हुई थी। शादी के बाद मायके जाने की परम्परा ने छोटी बहू सखी की जिंदगी बचा ली। जैसे ही उसे हादसे की सूचना मिली, वह इंदौर आ गई।
दरअसल यह भारतीय परिवारों में नवविवाहित बहू के पगफेरे की रस्म होती है। इसे पग फेरना, मायके जाना आदि नामों से जाना जाता है। शादी के बाद जब दुल्हन ससुराल चली जाती है, तो कुछ दिन के लिए उसे मायके बुलाया जाता है। वह वहां एक-दो दिन या परिवार की रस्मों के मुताबिक रुकती है। फिर ससुराल लौटती है। इसे पगफेरा कहा जाता है। यानी शादी के बाद पहली बार बेटी का मायके आना।
-भावनात्मक नजरिए से देखें तो यह रस्म ससुराल के नये माहौल के बीच मायके द्वारा दिया जाने वाला मानसिक सहारा और अपनापन देने वाली होती है।
-दो परिवारों के बीच मजबूत डोर: इस दौरान मायके वाले दामाद और ससुराल पक्ष का स्वागत करते हैं। इससे रिश्तों में अपनापन बढ़ता है। दो परिवारों के बीच रिश्तों की डोर और मजबूत होना शुरू होती है।
-उपहार देने की परंपरा भी है ये रस्म: इस रस्म में बेटी को उपहार देने का रिवाज है। कई परिवार दामाद और उसके परिवार के मुख्य सदस्यों को भी सम्मान पूर्वक गिफ्ट देते हैं।
-आमतौर पर यह रस्म शादी के 2 या तीन दिन बाद या कुछ परिवारों में कुछ हफ्तों बाद भी निभाई जाती है।
घटना के बाद इंदौर के तिलक नगर स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में रहने वाले परिवार में मातम पसरा है। छोटी बहू की जान बचने से लोग चमत्कार और किस्मत का नाम दे रहे हैं। लेकिन परिवार का कहना है कि यह परम्परा का परिणाम है कि छोटी बहू सुरक्षित है।
इंदौर अग्नि कांड ने एक तरफ सभी का दिल दहला दिया, वहीं कई लोग 'पगफेरे' की इस परम्परा के कारण छोटी बहू और बच गई 4 जिंदगियों के लिए शुक्र भी मना रहे हैं।
Updated on:
19 Mar 2026 04:46 pm
Published on:
19 Mar 2026 04:21 pm
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