2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है मध्य प्रदेश के इस शहर की कोरोना से मृत्यु दर

जिले में कोरोना मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा हो गई है। जिले में बीते 24 घंटे में 1,259 नमूनों की जांच में कोरोना के 19 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही, जिले में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,753 हो गई है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

इंदौर

•

image

Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 3 Jul 2020, 12:46 PM IST

news

राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है मध्य प्रदेश के इस शहर की कोरोना से मृत्यु दर

इंदौर/ मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस एक बार फिर अपने पांव तेजी से पसारने लगा है। गुरुवार को प्राप्त आंकड़ों की बात करें तो प्रदेशभर में 245 नए पॉजिटिव केस सामने आए। यहां कुछ जिले ऐसे हैं, जिनकी संक्रमण फैलने की रफ्तार लॉकडाउन के मुकाबले अब ज्यादा है। वहीं, प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर जिले में कोरोना के मामलों में तो लगातार बढ़ोतरी हो ही रही है। आलम ये है कि, जिले में कोरोना मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा हो गई है। जिले में बीते 24 घंटे में 1,259 नमूनों की जांच में कोरोना के 19 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही, जिले में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,753 हो गई है।

MP Corona Update : मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या हुई 14106, अब तक 589 ने गवाई जान

[typography_font:14pt;" >हालिया प्राप्त हुए आंकड़े

सीएमएचओ ने बताया कि, कोरोना से संक्रमित 68 वर्षीय महिला समेत चार और मरीजों की अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के दौरान आज मौत हो गई। इसके बाद जिले में इस महामारी की चपेट में आने के बाद दम तोड़ने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 236 पर पहुंच गई है।

पढ़ें ये खास खबर- VIRAL VIDEO : भाजपा नेताओं का हंगामा, पुलिसकर्मियों से डंडे छीनकर फरियादी को पीटा


राष्ट्रीय औसत दर से 2.1 फीसदी अधिक है जिले की मृत्यु दर

बता दें कि, इंदौर में मृत्यु दर 5 प्रतिशत है, यानी हर 100 मरीजों में से 5 मरीज अपनी जान गवा रहे हैं। वहीं, अगर राष्ट्रीय औसत दर की बत करें तो ये 2.95 फीसद है। यानी इंदौर का फीसद राष्ट्रीय औसत दर से 2.1 फीसद ज्यादा है। हालांकि, इंदौर में नए सामने आने वाले पॉजिटिव मामलों की रफ्तार में कुछ कमी जरूर आई है, बावजूद इसके मौतों का ये आंकड़ा काफी चिंता का विषय है।