16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

56 दुकान जाने वाले वैकल्पिक मार्ग को निगम ने भुलाया

निर्माण की उठी आवाज, एमजी रोड का ट्रैफिक कम कर सकता है मार्ग

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

jay dwivedi

Nov 30, 2019

56 दुकान जाने वाले वैकल्पिक मार्ग को निगम ने भुलाया

56 दुकान जाने वाले वैकल्पिक मार्ग को निगम ने भुलाया

इंदौर. शहर की प्रसिद्ध चौपाटी 56 दुकान तक पहुंचने के लिए सालों से एक वैकल्पिक मार्ग है लेकिन इसके निर्माण को निगम ने भुला दिया है। यह मार्ग एमजी रोड के ट्रैफिक को भी कम कर सकता है लेकिन इस पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा। अब समाजसेवियों ने इस रोड के निर्माण के लिए आवाज उठाई है।

गिटार चौराहे पर एक छोटा पैदल पुल है जो आगे जाकर छोटी गली में तब्दील होता है। यहां सड़क की चौड़ाई लगभग 40 फीट तक हो जाती है। यह सड़क सीधे 56 दुकान के चौराहे पर मिलती है यानी गिटार चौराहे से सीधे 56 दुकान और जंजीर वाला चौराहे तक मार्ग है लेकिन इसका निर्माण नहीं किया जा रहा है। शहर के ट्रैफिक को दुरुस्त करने के लिए आम जनता जागरूक हो चुकी है लेकिन निगम का इस सड़क को लेकर रवैया उदासीन ही है।

ट्रैफिक के लिए फायदा

अगर सड़क का निर्माण हो जाए तो गिटार चौराहे से सीधे ५६ दुकान और जंजीर वाला चौराहे तक वाहनों की आवाजाही सुगम हो जाएगी। इससे एमजी रोड और धोबी घाट पुल वाले रोड का ट्रैफिक लोड भी कम होगा। पलासिया से ५६ दुकान आने वाले लोग कम समय में सीधे इस रोड से आवाजाही कर सकेंगे।

उठाई आवाज

संस्था मप्र जनअधिकार और उपभोक्ता हित चिंतक समिति ने इसके लिए आवाज उठाई है। संस्था ५६ दुकान के विकास के लिए प्रयासरत है। एडवोकेट अवि जैन ने बताया, इस सड़क से 56 दुकान के आसपास के ट्रैफिक का दबाव कम होगा। सीएम और महापौर से मिलकर सड़क निर्माण पर चर्चा करेंगे।

अतिक्रमण से घिरी सड़क

ट्रैफिक के हिसाब से उपयोगी इस सड़क पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। 56 दुकान की तरफ से यह सड़क चौड़ी है। आगे बढ़ते ही संकरी हो गई है। नाले पर बना पुल भी पैदल लोगों के लिए ही है। पुल के पहले लोग बीच सड़क में गाडि़यां खड़ी करते हैं। जोनल अधिकारी शांतिलाल यादव ने सड़क निर्माण को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की है।

सालों पहले बनी थी योजना

एबी रोड पर आए दिन होती दुर्घटनाओं के चलते सालों पहले तत्कालीन सीएम अर्जुन सिंह ने इस सड़क की योजना बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन समय के साथ इसे भुला दिया गया। धोबी घाट के पुल का निर्माण भी इसी समय किया गया, लेकिन इस सड़क को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।