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Indore News : मप्र में घर की छत से सबसे ज्यादा बिजली बना रहा इंदौर

- एक वर्ष में 2450 लोगों ने अपनी छत पर लगवाए सोलर पैनल, आंकड़ा पहुंचा 4700 तक- मालवा-निमाड़ की सोलर नेट मीटर क्षमता पहुंची 108 मेगावॉट

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Indore News : मप्र में घर की छत से सबसे ज्यादा बिजली बना रहा इंदौर

Indore News : मप्र में घर की छत से सबसे ज्यादा बिजली बना रहा इंदौर

इंदौर. स्मार्ट शहर इंदौर में आम लोग अब सौर ऊर्जा की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। मेरी छत...मेरी बिजली... का नारा बुलंद करते हुए पूरे मध्य प्रदेश में इंदौर सबसे ज्यादा बिजली बना रहा है। पिछले एक वर्ष में 2450 लोगों ने अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाकर आंकड़ा 4700 तक पहुंचा दिया है। मालवा-निमाड़ में अब यह संख्या 7850 पहुंच चुकी है। रूफ टॉप सोलर नेट मीटर से जुड़ी इकाइयों की विद्युत उत्पादन क्षमता अब 108 मेगावॉट हो गई है।

शहर सफाई में अव्वल आने के बाद अब ग्रीन एनर्जी की तरफ दौड़ रहा है। इसके चलते सूरज की किरणों से घर, दुकान, शॉपिंग मॉल्स, औद्योगिक परिसर, शासकीय कार्यालय, स्कूल और कॉलेज आदि रोशन हो रहे हैं, क्योंकि इनकी छत पर सोलर पैनल लगी हैं। इससे बिजली बिल की राशि कम आ रही है। साथ ही रूफ टॉप सोलर नेट मीटर कनेक्शनों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले वर्ष जनवरी तक इंदौर की 2250 छतों पर सोलर पैनल लगी थी। एक वर्ष में यह आंकड़ा दो गुना यानी 2450 बढक़र 4700 तक पहुंच गया है।

मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा घरेलू छतों से बिजली इंदौर में बन रही है। बिजली वितरण कंपनी क्षेत्र में आने वाले मालवा-निमाड़ का आंकड़ा 7850 है। कंपनी क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रति माह पैनलें लगाई जा रही हैं। इसके चलते छतों पर स्थापित पैनलों की कुल बिजली उत्पादन अधिकतम क्षमता 108 मेगावाट के ऊपर है। इसमें से 57 मेगावाट क्षमता की पैनल निम्न दाब उपभोक्ताओं ने अपने यहां स्थापित की है। साथ ही 51 मेगावाट से ज्यादा की क्षमता की पैनल उच्चदाब उपभोक्ताओं के परिसरों पर स्थापित की गई है। सौर ऊर्जा की ओर बिजली कंपनी के मौजूदा उपभोक्ताओं की रुचि कार्बन उत्सर्जन में कमी और हरित ऊर्जा की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि समय-समय पर सोलर नेट मीटर योजना में शासन की ओर से सब्सिडी मिलती है। साथ ही बिजली बिल राशि में कमी आ रही है।

किन शहरों में कितनी लगी पैनल

इंदौर शहर - 4700
उज्जैन - 980
रतलाम - 325
धार - 290
खरगोन - 265

साल दर साल बढ़ी रुचि

मप्र के सभी बड़े शहरों में छतों से बिजली को लेकर इंदौर में सबसे ज्यादा रुचि है। यहां वर्ष 2017 में 500, वर्ष 2018 में 1000, वर्ष 2019 में 1300, वर्ष 2020 में 2000, वर्ष 2021 में 2200 और वर्ष 2022 में 2250 उपभोक्ता ग्रीन एनर्जी के लिए अपने परिसर उपयोग में लाए थे। जनवरी 2022 से 23 के बीच यह आंकड़ा दोगुना होकर 4700 तक पहुंच गया है। पिछले एक वर्ष में 2450 छतों पर सोलर पैनल लगी हैं।

साढ़े 3 वर्ष में पैसा वसूल

अपने परिसरों में छतों पर सौर पैनल लगाने वाले लोगों को बिजली बिल में राहत मिलती है। उन्हें मात्र अंतर यूनिट का बिल देना होता है। साढ़े तीन वर्ष में सौलर पैनल से जितनी बिजली बनती है उसकी कीमत पैनल स्थापना खर्च के बराबर हो जाती है। इस तरह मात्र साढ़े तीन वर्ष में पैनल्स बिल्कुल फ्री हो जाती है।

ग्रीन एनर्जी के हर संभव प्रयास

ग्रीन एनर्जी के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इंदौर स्मार्ट सिटी में ज्यादा से ज्यादा लोग छत से बिजली बना रहे हैं। पूरे प्रदेश में इस तरीके से सबसे ज्यादा बिजली इंदौर बना रहा है। इंदौर के बाद उज्जैन और रतलाम में भी काफी लोग इस ओर आकर्षित होकर सोलर एनर्जी की ओर जा रहे हैं।

- अमित तोमर, एमडी मप्रपक्षेविविकं इंदौर