11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

अब इंदौर में ही आईटी, बिजनेस व फाइनेंस का अच्छा रोजगार

नियमों में बदलाव के लिए आईडीए का प्रस्ताव, आईटी पार्क के लिए 2 एफएआर की कवायद

2 min read
Google source verification

image

Indore Online

Aug 24, 2015

Asus Zenfone 2 Delux Special Edition

Asus Zenfone 2 Delux Special Edition

इंदौर.आईटी, बिजनेस व फाइनेंस की पढ़ाई कर रहे या इस क्षेत्र में रोजगार तलाश रहे युवाओं के लिए आने वाला समय अच्छे रोजगार की संभावना लिए होगा। सुपर कॉरिडोर पर टीसीएस और इंफोसिस की आमद के बाद अब यहां आईडीए आईटी-फाइनेंशियल रोजगार हब बनाने जा रहा है। इसके लिए नीति तैयार कर ली गई है। सरकार की मुहर लगते ही यहां काम शुरू हो जाएगा। आईडीए का प्रस्ताव आईटी भवनों के लिए फ्लोर एरिया रेशो 1 से बढ़ाकर 2 कर देने का भी है, जिससे जमीन की कीमतें आनुपातिक रूप से कम हो सकें।
आईटी कंपनियों की ओर से जगह की मांग को देखते हुए आईटी विभाग व इंदौर विकास प्राधिकरण किफायती आईटी पार्क बनाने की पहल कर रहे हैं। इस संबंध में आईटी सचिव हरिरंजनराव, आईडीए अध्यक्ष शंकर लालवानी व सीईओ राकेश सिंह के बीच विस्तृत नीति बनाने को लेकर चर्चा हुई। इस आधार पर आईडीए ने ड्राफ्ट तैयार किया है।



ये हैं तीन विशेष प्रावधान
नीति में सार्वजनिक (पीएसपी) उपयोग की जमीनों पर आईटी भवनों के लिए एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेशो 1 के स्थान पर 2 करना। इससे निर्माण अधिक होने से जमीन की कीमतों का आनुपातिक वितरण हो सकेगा। रेंट की दरें कंपनियों के लिए किफायती रखने में सहायता मिलेगी। व्ययन नियमों में लीज पर देने के प्रावधानों में भी संशोधन किया जाना है। आईडीए वर्तमान में भूमि-भवन लीज पर देता है। अब प्रॉपर्टी किराए पर देने के प्रावधान भी किए जा रहे हैं। पहले पांच साल के लिए दरों को परिवर्तनशील रखा जाएगा। पीएसपी उपयोग के साथ आवासीय अनुपात भी बढ़ाने का प्रस्ताव है, क्योंकि कंपनियां कैंपस में ही आवासीय सुविधाएं भी चाहती हैं।



मेडिकल हब में सभी को सुविधा
आईडीए सीईओ राकेश सिंह के अनुसार सुपर कॉरिडोर पर मेडिकल हब को आईटी-फाइनेंशियल रोजगार हब और योजना-78 में करीब 2.25 लाख वर्गफीट के प्लॉट पर आईटी पार्क बनाने की योजना है। मेडिकल हब का उपयोग पीएसपी उपयोग है। यहां आईडीए के साथ किसानों के भी प्लॉट रहेंगे। आईटी पार्क की योजनाएं पीपीपी मॉडल के तहत तैयार की जाएंगी।



ये होंगी सुविधाएं
24 घंटे बिजली।
निर्बाध संचार के लिए वाई-फाई, फोर-जी व ऑप्टिकल फाइबरकनेक्टिविटी।
24 घंटे लोक परिवहन।
आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था।
एक्सपोर्ट के लिए
आवश्यक क्लीयरेंस सुविधाएं।


इन कंपनियों को जरूरत
आईटी कंपनियों के डिमांड सर्वे के मुताबिक उन्हें किफायती दर पर किराए के सर्वसुविधायुक्त स्थान चाहिए। जमीनों की मौजूदा दरें व निर्माण लागत अधिक होने से मुश्किल आ रही है। प्रदेश सरकार के पास सॉफ्टवेयर कंपनियों के साथ ही बीपीओ, आईटी कंसल्टेंट व बिजनेस सॉल्यूशन फर्म की मांग आ रही है। अधिकांश को तैयार स्थान चाहिए।

ये भी पढ़ें

image