18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मेट्रो शुरू होने से पहले बिजली देने की तैयारी, हर घंटे लगेगी 1 लाख 8 हजार यूनिट

मेट्रो कंपनी बना रही अपने सब-स्टेशन, एमपी पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी अपने तीन सब स्टेशन से मेट्रो के लिए कराएगी बिजली उपलब्ध

2 min read
Google source verification
metro_railway.png

इंदौर. शहर में मेट्रो संचालन के लिए 120 मेगा वॉल्ट एंपीयर बिजली की जरूरत है। हर घंटे 1 लाख 8 हजार यूनिट की खपत होगी। बिजली सप्लाय का जिम्मा मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी का है। मेट्रो के सब-स्टेशन तक कंपनी सप्लाय देगी। कंपनी ने मेट्रो को सप्लाय देने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।

मेट्रो को अति उच्च दाब की सप्लाय देने के लिए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसिशन कंपनी ने फिलहाल 220-220 केवी के दो सब स्टेशन जैतपुरा और मांगलिया को चिन्हित किया है। इसके अलावा मेट्रो रूट पर मौजूद सब स्टेशन से भी मेट्रो के लिए बिजली की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। नई तकनीक से बनाए जा रहे जीआइएस सब-स्टेशन से मेट्रो को बिजली सप्लाय करने में आसानी होगी।

Must See: सिंधिया ने उतार दिया था मंच से अब इस नेता ने छोड़ी कांग्रेस, फिर हुआ ये...

मेट्रो कंपनी बना रही अपने सब-स्टेशन
ट्रांसमिशन कंपनी मेट्रो के सब स्टेशनों को बिजली देगी। मेट्रो कंपनी खुद के 3 सब स्टेशन का निर्माण कर रही है। एमआर 10, गांधीनगर और खजराना में सब- स्टेशन बनाए जा रहे हैं। मेट्रो ने अपने तीन सब स्टेशन में प्रत्येक के लिए 40 एमबीए पावर की डिमांड की है। इस तरह कुल 120 एमवीए की मेट्रो को जरूरत है। तीन सब स्टेशनों को डबल सर्किट के माध्यम से 132 केवी वोल्टेज लेवल पर सप्लाय उपलब्ध कराई जाएगी।

Must See: अंबेडकर पुण्यतिथि: महापुरुषों को याद करने के लिए नहीं जरूरत मौके की
एमआर 10 सब स्टेशन को जेैतपुरा से 132 केवी वोल्टेज लेवल पर डबल सर्किट सप्लाय दिया जाएगा। गांधीनगर के सब स्टेशन को भी जैतपुरा से सप्लाय देने की योजना है जबकि खजराना के सब स्टेशन को मांगलिया से सप्लाय देने का निर्णय हुआ है। एमआर 10 को जैतपुरा से बिजली दी जाएगी। एमआर 10 के लिए एक नया सब स्टेशन बनाने की तैयारी भी कंपनी कर रही है।

लाइन कोन बिछाएगा अभी यह तय नहीं
ट्रांसमिशन कंपनी के सब-स्टेशनों से मेट्रो के सब-स्टेशनों तक बिजली पहुंचाने के लिए लाइन बिछानी होगी। हालांकि अभी तक ये तय नहीं हो पाया है कि यह काम कौन करेगा। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन या ट्रांसमिशन कंपनी में से कोई एक भी यह काम अपने जिम्मे ले सकती है।