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2052 में 1.25 करोड़ होगी इंदौर-उज्जैन-देवास-धार की जनसंख्या

इंदौर-उज्जैन-देवास-धार महानगर क्षेत्र, महानगर प्लानिंग पर हुई चर्चा,      

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इंदौर. इंदौर-उज्जैन-देवास-धार महानगर क्षेत्र के लिए 2052 में मूलभूत सुविधाएं जुटाने पर अभी से विचार किया जा रहा है. उस समय इलाके की जनसंख्या करोड़ के आसपास होगी. सवा यूरोपियन यूनियन और आइडीए द्वारा आयोजित कार्यशाला में प्रतिभागियों व विशेषज्ञों के बीच इस संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। अब विशेषज्ञ समूह बना कर इस क्षेत्र का प्लान तैयार करेंगे। मंगलवार को हुई इस कार्यशाला में इंदौर की स्वच्छता व आपदा प्रबंधन विषय पर प्रस्तुतिकरण दिया गया।

इंदौर-उज्जैन-देवास-धार शहरों का महानगर एरिया 6800 वर्ग किमी होता है। यदि इस क्षेत्र में रहने वाली जनसंख्या के आधार पर 2052 के महानगर की कल्पना करें तो 1.25 करोड़ लोगों के लिए व्यवस्थाएं जुटाना होंगी। इसके लिए आवास, परिवहन, हरित क्षेत्र, सामाजिक सुविधाएं और उत्पादन गतिविधियों की प्लानिंग पर अभी से सोचना होगा। अन्यथा की स्थिति में मौजूदा बेतरतीब विकास का शिकार इंदौर ही नहीं आसपास के विकसित हो रहे तीनों शहर हो जाएंगे। मास्टर प्लानिंग से सिटी का प्रबंधन कर सकते हैं, महानगर क्षेत्र आर्थिक विकास करता है।

विशेषज्ञ पेड्रो आरटिज ने बताया, महानगर पर काम करने के लिए रीजनल संतुलन बनाना होगा। अनुपातिक रूप से हरियाली, इंडस्ट्री, आवास आदि विषय पर प्लानिंग करना होगी। इस दौरान प्रतिभागियों ने मास्टर प्लान व महानगर प्लानिंग पर चर्चा की। प्रतिभागियों इंदौर उत्थान समूह के अजित सिंह नारंग, विष्णु गुप्ता, आर्किटेक्ट अमित सेठी, प्रकृति सेठी, दीप्ति व्यास व विभागीय अधिकारी अनिल जोशी, सांरग गुप्ता व अन्य के साथ अलग-अलग समूह बनाए है। यह समूह आकलित एरिया के लिए कई विषयों पर प्लान तैयार करेंगे।

मेट्रो रेडियल बनें, शहर का रोड नेटवर्क नहीं
प्रतिभागियों ने पूछा इंदौर में जनसंख्या के बराबर वाहन हो गए्, यहां कन्जेशन कम कैसे कर सकते हैं। पेड्रो ने कहा, मेट्रो रीजन के लिए यह सवाल नहीं होगा। इसके लिए मास ट्रांजिट सिस्टम बनेगा तो रोड पर वाहन कम रहेंगे। दूसरा रोड नेटवर्क भी शहर की प्लानिंग में अहम भूमिका रखते हैं। रेडियल या रिंग रोड बनाने से शहर के केंद्र पर भीड़ होती है।