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22 जोन के मामले में प्रस्ताव पर उलझन

नगर निगम

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इंदौर

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Amit Mandloi

Jul 27, 2018

indore nagar nigam

22 जोन के मामले में प्रस्ताव पर उलझन

इंदौर . नगर निगम ने 19 के बजाय 22 जोन बनाने के लिए हाइ कोर्ट के आदेश के बाद मुश्किल से आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन इसके प्रस्ताव को लेकर अब भी उलझन बरकरार है। निगम से जारी प्रस्ताव नवंबर 2017 का है, जबकि जुलाई में जारी हुआ है। यदि इसे तब से लागू माना जाए तो बजट पर भी असर होगा, क्योंकि बजट 19 जोन के हिसाब से बनाया गया था।
अगस्त 2017 में हाई कोर्ट के आदेश के बाद निगम के 22 जोन बनाने का प्रस्ताव 14 नवंबर 2017 को निगम परिषद की बैठक में पारित कर दिया, लेकिन प्रस्ताव की प्रतिलिपि निगमायुक्त को नहीं मिली। जो कॉपी मिली, उसमें जोनवार वार्डों को लेकर हेरफेर था। इसके चलते इसे सभापति कार्यालय को लौटा दिया गया। इसमें तीन-चार माह का समय बीत गया। प्रस्ताव लिखित में नहीं आने से निगम का जो बजट पेश किया गया उसमें 19 जोन के हिसाब से ही खर्चों और व्यवस्थाओं को जोनवार बांटकर पैसों की व्यवस्था की गई। प्रस्ताव 14 नंवबर 2017 के हिसाब से स्वीकृत माना जाए तो बजट में भी 22 जोन का प्रावधान होना था। दरअसल इस प्रस्ताव को लेकर हाई कोर्ट में अवमानना याचिका लगी है। इस कारण इसका असर तत्कालीन निगमायुक्त मनीष सिंह पर भी पड़ेगा। माना जाएगा कि प्रस्ताव उन्होंने लागू नहीं किया।

एनजीटी में होगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई
इंदौर . कान्ह नदी सहित शहर की अन्य नदियों के शुद्धिकरण एवं अतिक्रमण मुक्त करने को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में दायर जनहित याचिका पर ३१ जुलाई को सुनवाई होगी। याचिका सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने लगाई है। भोपाल में लंबे समय से याचिका विचाराधीन है और कई महीनों से सुनवाई लगातार टल रही है। कोडवानी ने बताया 31 जुलाई को याचिका पर सुनवाई निर्धारित की है। यह सुनवाई प्रिंसिपल बेंच दिल्ली और सेंट्रल जोन भोपाल के बीच पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी। सुनवाई के दौरान उक्त नदियों की सफाई में एनजीटी के निर्देश की वस्तुस्थिति की जानकारी दी जाएगी।