23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इंदौरियों की हड्डियां कमजोर, 81 फीसदी लोगों में विटामिन डी की कमी

42 फीसदी का ही बीएमआइ नॉर्मल, प्रिवेंटिव हेल्थ केयर के तहत हुए सर्वे ने शहरवासियों की अनियमित लाइफ स्टाइल के गंभीर खतरे को सामने लाकर खड़ा कर दिया है।

2 min read
Google source verification
haddi.png

42 फीसदी का ही बीएमआइ नॉर्मल

प्रमोद मिश्रा, इंदौर. देश का सबसे स्वच्छ शहर कमजोर लोगों का बसेरा भी बनता जा रहा है। अधिकांश इंदौरियों की हड्डियां कमजोर हैं, यहां के 81 फीसदी लोगों में विटामिन डी की कमी है। प्रिवेंटिव हेल्थ केयर के तहत हुए सर्वे में ये चौंकानेवाले तथ्य सामने आए हैं।

शासन के साथ हेल्थ केयर के सर्वेक्षण के बाद पांच महीने में एक नया सर्वे किया गया, इसकी रिपोर्ट चौंकाने वाली है। इस सर्वे ने शहरवासियों की अनियमित लाइफ स्टाइल के गंभीर खतरे को सामने लाकर खड़ा कर दिया है। ताजा सर्वे में स्पष्ट हुआ है कि इंदौर के करीब 81 प्रतिशत लोगों में विटामिन डी की कमी है। ये वे लोग हैं जो सीधे सूर्य की किरणों का सामना करने से बचते हैं धूप शरीर पर नहीं पड़ती। इनमें हड्डियों संबंधित बीमारी होने का खतरा ज्यादा है।

प्रशासन व रेडक्रॉस की मदद से पहले सर्वे कर चुके सेंट्रल लैब की टीम ने जनवरी से मई 2023 के बीच नया सर्वे किया। करीब 35 हजार लोगों पर किए सर्वे से साफ हुआ कि 81 प्रतिशत लोगों में विटामिन डी व 15 प्रतिशत में विटामिन बी.12 कम पाया गया।
साथ ही टीएसएच ;थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन, हाई टेस्ट 12.02 प्रतिशत एबनार्मल मिला।

क्या कह रही रिसर्च
35 हजार लोगों में से 42.58 प्रतिशत लोगों का ही बीएमआइ नॉर्मल है। 33 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिनका वजन उनकी लंबाई के हिसाब से ठीक नहीं है यानी ज्यादा है। ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति को हृदय संबंधित बीमारी मधुमेह का शिकार होने की आशंका बढ़ जाती है। 16.82 प्रतिशत लोग ऐसे निकले जो मोटापे का शिकार हैं। ओवर वेट व मोटापा दोनों ही मधुमेह व दिल संबधित गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस या हड्डियों में दर्द हो सकता है
विटामिन डी की कमी से हाइपो कैल्सीमिया हो सकता है। इससे ऑस्टियोपोरोसिस या हड्डियों में दर्द हो सकता है। विटामिन बी.12 की कमी नर्वस सिस्टम पर असर डालती है। खान.पान की अस्थिरता से यह बीमारी होती है। टीएसएच हाई के पीछे प्रदूषण व तनाव भी एक कारण है, इससे थायराइड का खतरा बढ़ जाता है।

सबसे सरल निदान
विटामिन डी की कमी दूर करने का सबसे सरल उपाय है- धूप में रहना। मेडिसिन लेने के बजाय सीधे धूप में रहने से कमी दूर हो जाती है।
अनियंत्रित खानपान, फैट वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।

सेंट्रल लैब के फाउंडर डॉ. विनीता कोठारी के अनुसार हम सन रिच कंट्री में रहते हैं। इसके बाद भी 81 लोग विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं। इससे कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। जागरुकता की कमी, खान पान में अनियमितता भी बीमारी का बड़ा कारण है। जागरुकता के जरिए इस तरह की कमी से बचा जा सकता है।