
Japanese fever vaccine
अब नियमित टीकाकरण में भी इसे शामिल कर लिया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पांच साल में जापानी बुखार के मप्र में 186 केस मिले हैं। देश में सबसे अधिक मामले उप्र में मिले थे। बीमारी से बचने का सबसे सुरक्षित उपाय टीकाकरण है। इंदौर में सत्र का शुभारंभ सोमवार को सुबह 10 बजे पीसी सेठी चिकित्सालय से सांसद शंकर लालवानी व महापौर पुष्यमित्र भार्गव करेंगे।
शहर में यहां लगेंगे टीके
- टीकाकरण के लिए 350 एएनएम की ड्यूटी लगी है। जो मंगलवार व शुक्रवार को अलग-अलग आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचेंगी।
- पीसी सेठी अस्पताल, मल्हारगंज पॉली क्लिनिक, हुकमचंद पॉली क्लिनिक, मांगीलाल चूरिया, बाणगंगा सामुदायिक केंद्र, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, अरबिंदो मेडिकल कॉलेज सहित अन्य सभी शासकीय अस्पताल, जहां नियमित टीकाकरण होता है।
सवाल: जापानी एन्सेफलाइटिस क्या होता है?
जवाब: यह वायरल बीमारी है, जो एन्सेफलाइटिस वायरस से होती है। इस बीमारी में आम तौर पर बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों का दर्द और शरीर में अकड़न के लक्षण होते हैं। गंभीर मामलों में सिरदर्द, मानसिक कमजोरी, लकवा और मौत भी हो सकती है। यह वायरस मच्छर के काटने से शरीर में पहुंचता है।
सवाल: क्या बीमारी संक्रामक है?
जवाब: यह वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में नहीं फैलता है, बल्कि इसे मच्छर संचारित करता है।
सवाल: वायरस कितना गंभीर हो सकता है?
जवाब: कुछ मामलों में यह संक्रमण गंभीर हो सकता है और दिमागी कमजोरी हो सकती है। वायरस मस्तिष्क को प्रभावित करता है और गंभीर न्यूरोलॉजिकल परिणाम पैदा कर सकता है। जैसे-एन्सेफलाइटिस या माइलाइटिस।
सवाल: वैक्सीन लगवाने से कैसे बचाव होगा?
जवाब: वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। इससे मच्छर के काटने पर वायरस के गंभीर परिणाम से बचाव होता है।
प्रारंभ में सभी टीकाकरण केंद्रों व सामुदायिक स्तर पर टीकाकरण किया जाएगा। फिर नियमित टीकाकरण सारणी में यह टीका जुड़ जाएगा। टीकाकरण से बच्चों को पहले 11 बीमारियों से सुरक्षा मिलती थी, जो अब 12 बीमारियों से सुरक्षा देगा। यह अभियान मार्च तक चलेगा। पालकों से अनुरोध है कि बच्चों को यह टीका जरूर लगवाएं।- डॉ. तरुण गुप्ता, जिला टीकाकरण अधिकारी, इंदौर
Published on:
27 Feb 2024 09:23 am
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