
जूनियर डॉक्टर 45 की जगह मांग रहे 70 हजार का मानदेय, विरोध में अलग लगाई ओपीडी
इंदौर. एमवाय अस्पताल में आज मानदेय में बढ़ोतरी की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने रोज लगने वाली ओपीडी में काम नहीं किया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के अलग-अलग विषयों की पढ़ाई करने वाले जूनियर डॉक्टरों ने अपनी अलग ओपीडी लगाई।
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. कृपाशंकर तिवारी ने बताया कि लंबे समय से प्रदेशभर के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कई बार आश्वासन देने के बावजूद मांगे पूरी नहीं हुईं। आज प्रदेश सरकार द्वारा अन्य प्रदेश की तुलना में काफी कम मानदेय विद्यार्थियों को दिया जाता है, जबकि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ ही अस्पताल का भी पूरा जिम्मा संभालते हैं। इसके चलते आज प्रदेशभर में एक साथ यह आंदोलन किया जा रहा है। अभी हमारा मानदेय 45 हजार रुपए प्रतिमाह है, हमारी मांग है की इसे बढ़ाकर ७० हजार रुपए किया जाए। बिहार, उप्र, झारखंड जैसे राज्य 60 से 70 हजार रुपए तक मानदेय विद्यार्थियों को दे रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में नहीं। उधर जूनियर डॉक्टरों ने इसके साथ ही अन्य भी मांगे मेडिकल कॉलेज और एमवाय प्रबंधन के सामने रखीं। इसमेंं ड्युटी रूम बढ़ाने का मुद्दा सबसे अहम था। लंबे समय से जूनियर डॉक्टर ड्यूटी रूम बढ़ाने का कह रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं दिए जा रहे हैं। सर्जरी में ही 52 विद्यार्थियों को 4 रूम दिए गए हैं, जिसमें वे एडजस्ट नहीं कर पाते। आज भोपाल, रीवा, ग्वालियर व जबलपुर में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।
चार डॉक्टरों की टीम करेगी पीसी सेठी अस्पताल की जांच
पीसी सेठी अस्पताल की नई इमारत में कार्य शुरू करने से पहले इसकी जांच की जाएगी कि ठेकेदार कंपनी को क्या काम करने थे और क्या किए। इसके लिए सिविल सर्जन डॉ. एमपी शर्मा ने चार डॉक्टरों की टीम बना दी है। आज से कमेटी जांच शुरू करेगी और सात दिनो में जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन को देगी। इसके बाद भोपाल मुख्यालय को जानकारी भेजी जाएगी।
Published on:
16 Jul 2018 12:34 pm
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