
मकर राशि में 6 ग्रहों की युति कई अप्रत्याशित घटनाओं को देगी जन्म
इंदौर. एक राशि में जब एक से अधिक ग्रह एकत्रित होते हैं उसे ज्योतिष में युति कहा जाता है। इसी प्रकार मकर में जब ६ ग्रह एकत्रित होंगे, वह 6 ग्रहों की युति कहलाएगी। मकर राशि शनि देव की राशि है। 24 जनवरी से न्याय के देवता शनि स्वयं इस राशि में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिषियों के मुताबिक, 20 नवंबर को गुरु बृहस्पति इसमें शामिल हुए। शनि व गुरु की युति बनी। वहीं, 4 दिसंबर को इसमें बुध ने प्रवेश किया। 14 जनवरी को भगवान सूर्य का प्रवेश हुआ और 27 जनवरी बुधवार को शुक्र भी इसमें रात 3.29 बजे प्रवेश किए जिससे शनि की मकर राशि मे पंचग्रही युति निर्मित हुई। अगामी 9 फरवरी की रात 8.30 बजे पर चंद्रमा भी इसमें शामिल होंगे, जो षडग्रही (गोल योग) युति बनाएंगे। ज्योतिषियों के मुताबिक, यह अशुभ योग देश-दुनिया के लिए अनिष्टकारी होगा।
आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया, मकर राशि मे चतुर्ग्रही, पंचग्रही व ६ ग्रहों के परिणामों की यदि हम ज्योतिषीय दृष्टि से चर्चा करें तो अप्रत्याशित परिणाम मिलेंगे। 14 से 31 जनवरी तक चतुर्ग्रही युति रहेगी। शनि, गुरु, बुध व सूर्य की 4 से 8 फरवरी तक पंचग्रही युति रहेगी। 9 फरवरी को चंद्रमा के शामिल होने के साथ 9 से 11 फरवरी तक छह ग्रहों की युति रहेगी।
हिंसा-उपद्रव, मंहगाई व बेरोजगारी बढ़ेगी
यह समय अति संकट व संघर्ष का रहेगा। यह युति प्राकृतिक आपदा, राजनीतिक उठा पटक, खरीद-फरोख्त, सत्ता तंत्र में उथल-पुथल, हिंसा, महंगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाली होगी। पंचांगों की मानें तो यह युति अप्रत्याशित घटनाओं को जन्म देगी। संभवत: चीन-पाक के भारतीय सीमाओं पर उत्पात संभव है।
ज्यादातर पंचांगों ने इस युति को बताया अशुभ
पं. शर्मा वैदिक ने बताया, 1962 में भी 6 ग्रहों की युति बनी थी, जिसे ज्योतिषी गोल योग कहते हैं। आचार्य वैदिक ने बताया, 1962 में भी सूर्य, शुक्र, केतु, गुरु, शनि व बुध की युति बन चुकी है। इसके भीषण परिणाम सामने आए थे। दिसंबर 2019 में भी पंचग्रही योग बना था, तब से देश-दुनिया कोरोना संक्रमण का संकट झेल रही है। इस बार 6 ग्रहों की युति को ज्यादातर पंचांगों ने अशुभ ही बताया है।
Updated on:
30 Jan 2021 06:44 pm
Published on:
30 Jan 2021 06:44 pm
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