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भरी सभा में मंच से कैलाश विजयवर्गीय बोले- ‘खुद को अपराधी महसूस कर रहा हूं…’, सामने बैठे थे सीएम मोहन, जाने वजह

Kailash Vijayvargiya Statement : कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने श्री विभूषित पूज्य महंत श्री नृत्य गोपाल दास जी महाराज के अभिनंदन समारोह में अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 'वो अपने आप को अपराधी महसूस कर रहे हैं।' इसके पीछे बड़ी भावुक वजह भी बताई, आप भी जानें।

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Kailash Vijayvargiya Statement

Kailash Vijayvargiya Statement : भाजपा के वरिष्ठ नेता और मोहन सरकार के कैबिनेट मिनिस्टर कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में श्री विभूषित पूज्य महंत श्री नृत्य गोपाल दास जी महाराज के अभिनंदन समारोह में अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 'वो अपने आप को अपराधी महसूस कर रहे हैं।' उन्होंने बताया कि 'श्री विभूषित पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज से इंदौर में नागरिक अभिनंदन के लिए विनम्रता से निवेदन किया था। लेकिन महाराज जी के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें अपराध बोध हो रहा है।'

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'श्री विभूषित पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज आश्रम में कांच के शोकेस में रहते हैं। उनका स्वास्थ्य देखकर मुझे ऐसा लगा कि मैंने अपराध कर दिया।' उन्होंने आगे कहा- 'महंत जी के आशीर्वाद से "घर-घर राम, घर-घर रामायण" का देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का संकल्प है। जब उन्होंने महाराज जी से इंदौर आने का निवेदन किया तो महाराज जी ने कहा- 'कैलाश की नगरी में मुझे आना ही पड़ेगा।' इस भावुक उद्बोधन ने विजयवर्गीय की श्री नृत्य गोपाल दास जी महाराज के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान को दर्शाया है। इंदौर में उनके इस बयान ने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में खास चर्चा छेड़ दी है।

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सीएम ने महंत नृत्यगोपाल दास के बारे में कही बड़ी बात

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित अभिनंदन समारोह में महंत नृत्यगोपाल दास को 'देवता' के रूप में संबोधित करते हुए कहा- 'उनकी मौजूदगी हमारे बीच अत्यंत सुखद है। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में मथुरा की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को रेखांकित किया। साथ ही श्रीराम और श्रीकृष्ण के नाम लेते हुए चित्रकूट और उज्जैन के ऐतिहासिक महत्व पर भी चर्चा की। इस मौके पर उन्होंने धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया।