शूटिंग के एक साल पहले शुरू कर दिया था प्रोस्थेटिक मेकअप
सिद्धार्थ ने बताया, पहली बार इंडिया में इस प्रकार का कंसेप्ट लिया गया है जिसमें लवस्टोरी का फ्यूचर बताया जाएगा। मतलब अगर किसी भी लवस्टोरी की शुरूआत के समय ही उसका फ्यूचर पता चल जाए तो क्या होगा? इस थीम पर फिल्म बनी है। फिल्म में टाइम जोन है जिसमें तीन जनरेशन को दिखाया गया है। यह थोड़ा नया एक्सपेरिमेंट है। इसके लिए प्रोस्थेटिक मेकअप किया है जिसकी शुरूआत फिल्म की शूटिंग से एक साल पहले ही कर दी गई थी। आठ घंटे के शूट के लिए पांच घंटे मेकअप करना होता था।
मॉडलिंग पॉकेट मनी के लिए, एक्टिंग पहला प्यार
सिद्धार्थ ने अपने एक्टिंग करियर को लेकर कहा कि, पॉकेट मनी के लिए 18 साल की उम्र में मॉडलिंग शुरू की थी। एक एजेंसी के साथ काम किया। एक दिन मुझे ऑडिशन पर भेजा गया। ऑडिशन देने के बाद पता चला कि यह फिल्म के लिए था। यहां ऑडिशन देते समय लगा कि एक्टिंग कर सकता हूं। इसलिए एक्टिंग पर ही फोकस रखा। एक्टिंग करियर में शुरूआत 26 साल की उम्र में हुई। आज आठ साल हो चुके है। अपने आपको बेहतर देखकर अच्छा लगता है।
फिल्मों में मार्केटिंग पर भरोसा मतलब भगवान पर भरोसा-
फिल्मों की मार्केटिंग को लेकर सिद्धार्थ ने कहा कि, एक फिलोसॉफी है कि मार्केटिंग पर भरोसा करना मतलब भगवान पर भरोसा करने जैसा है। कुछ नहीं करेंगे तब भी फिल्म चलती है और कभी कभी मार्केटिंग करने के बाद भी फिल्म ऑडियंस को नहीं पसंद आती है। इसलिए मार्केटिंग के जरिए फिल्म की सक्सेस का कोई फंडा नहीं बनाया जा सकता। हां यह जरूर है कि हम यंगस्टर्स के बीच जाकर फिल्म के सॉन्ग काला चश्मा सॉन्ग पर डांस कर रहे है। वह इसलिए जिससे यूथ से कनेक्ट कर सकें। मुझे लगता है यह काफी इनोवेटिव तरीका है। लेकिन इसके लिए भी सबसे पहले फिल्म में एक अच्छा गाना होना चाहिए जो हमारे पास है। फिल्म की शूटिंग के दौरान का किस्सा बताते हुए सिद्धार्थ ने कहा कि 'तेरी खैर मंगड़ी' सॉन्ग की शूटिंग के समय माइनस 5 डिग्री टेम्प्रेचर था। इस समय एक्सप्रेशंस देना आसान नहीं था। लेकिन कैटरीना के साथ एक एनर्जी और केमेस्ट्री थी जिससे कॉन्फीडेंस मिला और हमने शूटिंग पूरी की।