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1.25 करोड़ हिंदुओं ने लड़ना शुरू किया तो… मोहन भागवत का बांग्लादेश को कड़ा संदेश

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत का यह बयान बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनों से अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ बढ़ी हिंसक घटनाओं की पृष्ठभूमि में आया है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 08, 2026

Mohan Bhagwat Bangladesh Hindu Warning

बांग्लादेश के हिंदुओं पर मोहन भागवत का बड़ा बयान (Photo: IANS/File)

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेश के सवा करोड़ हिंदू अपने अधिकारों की रक्षा के लिए खुद खड़े होने का निर्णय लेते हैं, तो दुनिया भर के हिंदू उनके साथ मजबूती से खड़े होंगे।

मुंबई में आयोजित संघ की दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला 'नए क्षितिज' के दूसरे दिन संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने कहा, “बांग्लादेश में करीब सवा करोड़ हिंदू रहते हैं। अगर वे वहां रहकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का फैसला करते हैं, तो पूरी दुनिया के हिंदू उनकी मदद करेंगे।”

'मैं आपको गारंटी देता हूं...'

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हुई घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा, “बांग्लादेश में जो घटनाएं हुई हैं… वहां आज भी करीब सवा करोड़ हिंदू रहते हैं। अगर वे एकजुट हो जाएं तो वहां की राजनीतिक व्यवस्था का इस्तेमाल अपने हित में, अपनी सुरक्षा के लिए कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उनका एकजुट होना बेहद जरूरी है। अच्छी बात यह है कि इस बार उन्होंने यह तय किया है कि वे भागेंगे नहीं, बल्कि वहीं रहकर संघर्ष करेंगे। अब अगर संघर्ष करना है, तो एकता सबसे जरूरी होगी। जितनी जल्दी वे एकजुट होंगे, उतना ही बेहतर होगा। बांग्लादेश में हिंदुओं की मौजूदा संख्या के साथ वे अपनी स्थिति में बड़ा सुधार ला सकते हैं। और इस दिशा में हम यहां अपनी सीमाओं के भीतर रहते हुए, और दुनिया भर में जहां-जहां हिंदू हैं, वहां से उनके लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसकी मैं आपको गारंटी देता हूं।”

इस कार्यक्रम का आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में किया गया है।

गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में तेजी देखी गई है। हालात उस समय और बिगड़ गए जब भारत विरोधी कट्टरपंथी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। इसके बाद अगस्त 2024 में हुए तथाकथित विद्रोह के तहत छात्र आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़कर देश से भागना पड़ा।

इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच हिंसक भीड़ ने कई इलाकों में हिंदू नागरिकों को निशाना बनाया। इन हमलों में व्यापारी, मजदूर और छात्र समेत कई निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है। कई जगह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे संगठित हमलों में बदल गए, जिनका सीधा असर हिंदू समुदाय पर पड़ा।

मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। उनके इस संदेश को संघ और अन्य हिंदू संगठनों के बांग्लादेशी हिंदुओं के समर्थन और एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।