स्कूल लेवल पर राष्ट्रीय टीम में खेल रहीं जूही के परिवार में दूर-दूर तक कोई खिलाड़ी नहीं है। एक दिन स्कूल में खो-खो खेलने के बाद शिक्षकों से मिली तारीफ ने उसका हौसला बढ़ा दिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सपना साकार हुआ। फिलहाल जूही इंदौर के खो-खो फेडरेशन में प्रशिक्षण ले रहीं हैं। वे महाराष्ट्र, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, आंध्रप्रदेश, मुंबई में भी अपना लोहा मनवा चुकीं हैं।