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हे भगवान..! एक साथ 11 चिताएं देख दहल उठे दिल

- 52 घंटे रेस्क्यू के बाद 36 शव निकाले, जिम्मेदारों की लापरवाही हजार- हादसे के 24 घंटे बाद मिला 36वां शव- घायलों से मिलने इंदौर आए मुख्यमंत्री, अस्पताल में पीडि़त व परिजन को बंधाया ढांढ़स

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इंदौर। शहर के सबसे बड़े हादसे में 36 लोगों को खोने के बाद शुक्रवार सुबह सन्नाटा, शोक व चुप्पी लिए आई। 24 घंटे बाद 36वां शव मिला। सभी की अंतिम यात्रा जब एक साथ निकली तो देखनेवाले गमगीन हो गए। यही हाल मुक्तिधाम में था, जहां गुजराती समाज के 11 लोगों की चिताएं एक साथ जली। जिसने भी ये मंजर देखा, उसका दिल दहल उठा। शोक स्वरूप शहर में दुकानें-प्रतिष्ठान आधे दिन बंद रहे।

सपना-संगीता रोड स्थित श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर परिसर में बावड़ी की छत धंसने से हुए हादसे में 36 लोगों की मौत हुई है। लापता लोगों को तलाशने रातभर सेना, एसडीआरएफ-एनडीआरएफ व नगर निगम की टीम तैनात रही। गुरुवार सुबह 11.30 से 11.45 बजे के बीच हादसा हुआ था। शाम 4 बजे तक 12 लोगों के शव बरामद हुए थे।

बाद में बावड़ी में पानी आने से काम रोका गया। महू से सेना की टीम आई। रात 12 बजे से फिर रेस्क्यू शुरू हुआ। कुछ ही देर में 21 शव बरामद हो गए। हादसे के बाद से ही 24 लोगों के गुमशुदा होने की बात सामने आ रही थी। रेस्क्यू में हुई देरी से लापता लोगों के परिजन आक्रोशित भी होते रहे। 35 लोगों के शव बरामद होने के बाद एक लापता की तलाश में काफी समय लग गया। शुक्रवार सुबह फिर बावड़ी को खाली किया गया। दोपहर करीब 12 बजे 36वां शव बरामद हुआ, जो सुनील सोलंकी का था।

मुख्यमंत्री के सामने रो पड़े परिजन
शुक्रवार सुबह 8.30 बजे सीएम शिवराज सिंह चैहान इंदौर पहुंचे। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा व जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट भी साथ थे। वे एयरपोर्ट से सीधे निजी अस्पताल पहुंचे और घायलों से मिलकर सेहत जानी। मां को खोने वाली दो मासूम बहनों से मिले। ये बच्चियां मां खोने के दुख से अब तक अनजान हैं। मुख्यमंत्री के सामने घायलों के परिजन रोने लगे तो उन्हें ढांढ़स बंधाया। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों का शासन की ओर से इलाज कराने की बात कही। यहां से वे घटनास्थल पहुंचे और अफसरों से जानकारी लेने के बाद एयरपोर्ट रवाना हो गए।

पीएम करते-करते थक गए डॉक्टर्स
एमवाय अस्पताल में डॉक्टर्स की टीम ने एक के बाद एक 36 पोस्टमॉर्टम किए। अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीएस ठाकुर ने बताया, पहली बार शहर में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई। पोस्टमॉर्टम करते-करते डॉक्टर्स थक गए, लेकिन उनके परिजन की पीड़ा को देखते हुए जल्द से जल्द शव सौंप दिए।

जनप्रतिनिधियों के सामने फूटा गुस्सा
हादसे और रेस्क्यू में हुई देरी को लेकर मृतकों के परिजन का गुस्सा शुक्रवार को जनप्रतिनिधियों के सामने फूट पड़ा। उद्यान व मंदिर में अवैध निर्माण का नोटिस देने के बाद भी प्रशासन व निगम अफसरों के कार्रवाई नहीं करने को लेकर लोगों में आक्रोश था। वे दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

ट्रस्ट अध्यक्ष-सचिव पर केस, निगम के बीओ-बीआइ सस्पेंड : लापरवाही पर नकेल , तीन दर्जन मौतों के बाद जागे
बावड़ी हादसे में 36 लोगों की मौत के बाद आखिरकार प्रशासन की नींद खुली। गुरुवार रात को जूनी इंदौर टीआइ नीरज मेड़ा ने श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सेवाराम पिता गोकुलदास गलानी और सचिव मुरली कुमार सबनानी पिता टेऊमल सबनानी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा-304 व 34 के तहत केस दर्ज कर लिया।

पैर में फ्रैक्चर, गिरफ्तारी नहीं
मामले में छानबीन करने पर पता चला कि ट्रस्ट अध्यक्ष के पैर में फ्रैक्चर है। अभी पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की है। रिपोर्ट में लिखा कि बावड़ी पर छत कमजोर है, यह जानते हुए भी आयोजन के दौरान भीड़ इकऋा की गई, जिससे हादसा हो गया। एक मृतक के परिजन व अन्य घायलों के बयानों के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया। टीआइ के मुातबिक, जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।

अपर कलेक्टर को सौंपी जांच
कलेक्टर इलैयाराजा टी ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर को सौंपी है। इधर नोटिस जारी करने के बाद भी मंदिर परिसर का अतिक्रमण नहीं हटाने पर दोषी मानते हुए निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने जोन-18 के भवन अधिकारी पीआर आरोलिया व भवन इंस्पेक्टर प्रभात तिवारी को सस्पेंड कर दिया।