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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्टूडेंट से साझा किया अपनी सफलता का ये राज

स्टूडेंट को लीडरशिप के मंत्र

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इंदौर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी गुरुवार को शहर आए. यहां उन्होंने स्टूडेंट को लीडरशिप के मंत्र दिए. उन्होंने स्टूडेंट से कहा- कोई आदमी बेकार नहीं, कोई मटैरियल वेस्ट नहीं.कुशाभाऊ ठाकरे जन्मशताब्दी समारोह में देवी अहिल्या विवि के छात्रों को संबोधित करते हुए यह बात कही।केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस मौके पर स्टूडेंट से अपनी सफलता का राज भी साझा किया। उन्होंने बताया कि छात्र राजनीति ने ही उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है।

गुरुवार को दोपहर में इंदौर पहुंचे गडकरी ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) में आयोजित विशेष व्याख्यान में स्टूडेंट को संबोधित किया। इस मौके पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे। इसके बाद वे सुमित्रा महाजन के लोकसभा स्पीकर के कार्यकाल पर मेधा किरीट की किताब का विमोचन करने पहुंचे और होटल रेडिसन में एनएचएआइ अफसरों के साथ बैठक भी ली। वे लाभ मंडपम में महानगर विकास परिषद व महाराष्ट्र साहित्य सभा के पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।

डीएवीवी में आयोजित विशेष व्याख्यान में स्टूडेंट को संबोधित करते हुए उन्होंने लीडरशिप के गुर सिखाए. उन्होंने कहा कि लीडरशिप कहती है कोई आदमी बेकार नहीं होता और कोई मटैरियल वेस्ट नहीं होता है। लीडर को हर व्यक्ति से काम लेना आना चाहिए।भारत में 18 से 40 वर्ष के बीच की 65 प्रतिशत आबादी है। आने वाले समय में ये ही लोग देश ही नहीं बल्कि दुनिया को लीड करेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत में जो स्ट्रेंथ है वो बाकी देशों में नहीं है। वेस्टर्न कंट्री में लोगों की बहुत कमी है। वहां सीनियर सिटीजन्स हैं, यंग लड़के नहीं हैं। युवाओं की संख्या वहां बहुत कम है। यही कारण है कि हमारे युवाओं का भविष्य उज्जवल है. आने वाले समय में पूरे विश्व को दिशा देने वाली, क्षमता रखने वाली यंग टेलेंटेड इंजीनियरिंग मेन पॉवर दुनिया के किसी देश में है तो हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि वह हिन्दुस्तान है।

स्टूडेंट पालीटिक्स से ही मिली सफलता - उन्होंने बताया कि मेरे राजनीति जीवन की शुरुआत भी वहीं से हुई, मैं स्टूडेंट लीडर था। वहीं से कुछ सीखते हुए राजनीति में आगे जाने का मौका मिला। कार्यक्रम में उन्होंने राजनीति का मतलब भी समझाया. उन्होंने कहा कि इसकी परिभाषा ही गलत बताई जाती है। इसका सही मतलब पॉवर पॉलिटिक्स नहीं है। राजनीति का मतलब है लोकनीति, वृहत्त राजनीति और धर्मनीति। पॉलिटिक्स सोशियो इकॉनॉमिक सेक्टर के क्षेत्र में लगातार काम करना ही राजनीति है। सत्ताकारण पॉलिटिक्स नहीं है। राष्ट्रकारण, समाज कारण और विकास कारण है।