
Pani-Puri
देवास नाका। पानी-पूरी जिसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। हर घर में इसे खाने के शौकीन मिल जाते हैं। यही कारण है कि हर गली मोहल्लों में पानी-पूरी की दुकानें खुलती हैं। शहर के युवा ने पानी-पुरी का विश्व में पहला ब्रांड बनाया। जिससे उन्हें विश्वभर में पहचान मिली है। यह 112 फ्लेवर की पानी पूरी ग्राहकों को देते हैं। इतना ही नहीं उनकी पानी-पूरी ब्रांड पर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने केस स्टडी भी की है। साल 2011 में एक छोटे से स्टॉल से चटर पटर की कहानी शुरू हुई, जो आज देशभर सहित कनाडा, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया में 250 ऑउटलेट खोल चुके हैं। प्रशांत कुलकर्णी और उनकी पत्नी विनया कुलकर्णी ने मिलकर इसकी शुरूआत की थी।
प्रशांत ने बताया कि एक बार पानी-पूरी खाने के बाद मेरी तबियत खराब हो गई और डॉक्टर ने उन्हें सलाह दी कि पानी-पूरी न खाएं। क्योंकि ठेले पर जो लोग पानी-पूरी बेचते हैं वे हाइजीन का ख्याल नहीं रखते हैं। जिसके बाद मैंने और विनया ने सोचा कि पानी-पूरी के स्टैंडर्ड को बढ़ा दिया जाए और उसे लोगों के सामने साफ-सुथरी जगह पर परोसा जाए। इसी सोच के साथ बिजनेस की शुरुआत हुई।
लोगों से लिया फीडबैक
प्रशांत ने बताया कि हमने शुरुआत में अलग-अलग फ्लेवर बनाकर लोगों को खिलाया और उसका फीडबैक लिया। जिसके बाद उनसे पूछा कि आप कौन सा फ्लेवर खाना पसंद करेंगे, उसी के हिसाब से फ्लेवर बढ़ाते गए। मीठा, नमकीन, फ्रूट आदि के फ्लेवर बनाए।
प्रशांत और विनया ने साल 2011 में छोटे से स्टॉल से इसकी शुरूआत की। प्रशांत ने तब बिजनेस पर ध्यान देने के लिए नौकरी छोड़ दी। शुरूआत में पानी-पूरी और दो-तीन तरह की चाट से शुरूआत की लेकिन धीरे-धीरे मांग बढ़ती गई और मैन्यू भी बढ़ाया।
विनया ने रैसिपी तैयार की, तो प्रशांत ने बिजनेस को बढ़ाने का काम किया। दोनों ने दिन-रात मेहनत करके पानी-पूरी के लिए अलग-अलग फ्लेवर तैयार किए। छोटे से स्टॉल से शुरू हुआ स्टार्टअप, देखते ही देखते आउटलेट में बदल गया। पानी-पूरी और चाट की सफलता के बाद अब और भी कई तरह के खाद्य उत्पादों में अपना कदम बढ़ाया है। वहीं कंपनी का आज करोड़ों का टर्नओवर है। आगे भी कई जगह बिजनेस बढ़ाने के लिए काम चल रहा है।
Published on:
31 Oct 2022 03:36 pm
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