29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बंद होंगे कई अस्पताल, दयानंद व वीरमत अस्पताल का लाइसेंस, पंजीयन निरस्त

दुबे और हरलालका अस्पताल पर प्रतिबंध, मातृ मृत्यु मामलों में कार्रवाई  

less than 1 minute read
Google source verification
hospitals_mp.png

इंदौर. जिले के कई अस्पताल बंद होने की कगार पर हैं. कुछ अस्पतालों पर प्रतिबंध लगाया गया है जबकि कुछ को पंजीयन ही निरस्त कर दिया गया है. जिला स्वास्थ्य समिति स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक के दौरान मातृ मृत्यु मामलों में लापरवाही पाए जाने वाले अस्पतालों के खिलाफ सोमवार को ये कार्रवाई की गई है।

अधिकारियों के अनुसार दयानंद व वीरमत अस्पताल का लाइसेंस व पंजीयन निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने दुबे और हरलालका अस्पताल को सी.सेक्शन सर्जरी करने से रोक दिया है। बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों में इस तरह की सर्जरी करने के लिए डॉक्टर और उपकरण नहीं थे।

जोनल चिकित्सा अधिकारियों की रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई - एडीएम अभय बेडेकर ने बताया कि दुबे और हरलालका अस्पताल पर सी.सेक्शन का प्रतिबंध लगाने के साथ दयानंद और वीरमत अस्पताल सहित दो अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की है। जोनल चिकित्सा अधिकारियों की रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई है। बैठक के दौरान इन अस्पतालों में मातृ मृत्यु दर की भी समीक्षा की गई थी।

दुबे व हरलालका अस्पताल में एमबीबीएस डॉक्टर हैं लेकिन वहां सी.सेक्शन करने के लिए सुविधाएं पर्याप्त नहीं - जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया ने बताया कि कलेक्टर मनीष सिंह और एडीएम अभय बेडेकर के निर्देश पर दयानंद अस्पताल को पहले ही सील कर दिया है। दयानंद और वीरमत अस्पताल में योग्य डॉक्टर और कर्मचारी नहीं थे। उनके पास डिलीवरी करने की भी सुविधा नहीं थी। दुबे व हरलालका अस्पताल में एमबीबीएस डॉक्टर हैं लेकिन वहां सी.सेक्शन करने के लिए सुविधाएं पर्याप्त नहीं थीं।

Story Loader