कृष्ण ने उपदेश देते हुए कहा, 'कर्म करने के लिए या याद दिलाने के लिए प्रतिज्ञा की जरूरत नहीं होती बल्कि पौरूष से अपने अंदर आत्मविश्वास जगाना चाहिए। नाटक में बताया गया कि इंसान को सात दोष काम, क्रोध, मोह, माया, लोभ, मद और मत्सर से बचना चाहिए। अंत में नीतीश ने लोकसंग्रह शब्द का मतलब समझाते हुए कहा, 'गीता के अनुसार लोकसंग्रह का अर्थ लोगों को इकट्ठा करने से नहीं बल्कि दूसरों के लिए कार्य करने से है।