
लोक अदालत में 17 करोड़ के आदेश हुए पारित
- वकीलों ने किया था लोक अदालत का बहिष्कार
इंदौर. हाईकोर्ट, जिला कोर्ट, फैमिली कोर्ट व अन्य अधीनस्थ कोर्ट में नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया। इस दौरान जिला कोर्ट में 9847 प्रकरणों का निराकरण हुआ, वहीं 17 करोड़ रुपए के आदेश पारित हुए। इधर लोक अदालत का वकीलों ने बहिष्कार किया।
जिला विधिक सहायता अधिकारी सुभाष चौधरी के मुताबिक लोक अदालत के दौरान क्लेम के 228 प्रकरण, सिविल के 12, विद्युत अघिनियम के 1082, चेक बाउंस वाले 197 प्रकरण, राजीनाम योग्य दांडिक प्रकरण 25, श्रम से संबंधित 5 प्रकरण और प्रीलिटिगेशन के 8224 प्रकरण सहित कुछ अन्य प्रकरणों का भी निराकरण हुआ। सुबह से शाम तक लोक अदालत में 9847 प्रकरणों का निराकरण होकर लगभग 17 करोड़ रुपए के अवार्ड, डिक्री, मुआवजा, वसूली के रूप में आदेश पारित किए गए।
हाईकोर्ट में २४ प्रकरण निराकृत -
वहीं हाईकोर्ट में नेशनल लोक अदालत के लिए प्रशासनिक न्यायाधिपति पीके जायसवाल के के मार्गदर्शन पांच खंडपीठ का गठन किया था। गठित खंडपीठ में प्रथम अपील, द्वितीय अपील, अवमानना प्रकरण, एमसीसी, क्रिमिनल, रिवीजन, क्रिमिनल अपील, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति, रिट याचिकाएं, वैवाहिक विवाद, सर्विस मेटर आदि से संबंधित प्रकरणों को सुनवाई के लिए रखा था। सुनवाई के दौरान मोटर दुर्घटना क्लेम के कई प्रकरणों का निराकरण हुआ, इनमें कुल २४ प्रकरणों को निराकरण हुआ और मुआवजा राशि २३ लाख १८ हजार ५०० रुपए के अवॉर्ड पारित किए गए।
17 दंपती गए खुशी-खुशी साथ में-
नेशनल लोक अदालत को लेकर कई दिन से फैमिली कोर्ट में भी तैयारी की जा रही थी। फैमिली कोर्ट की तीन खंडपीठ में के लिए 261 प्रकरण रखे गए थे। इनमें से 61 प्रकरणों का निराकरण हुआ। इनमें से 17 प्रकरण ऐसे थे जिनमें पति-पत्नी के बीच सुलह हुई। वह राजीनामा करने के बाद खुशी-खुशी साथ में कोर्ट से रवाना हुए। जिन दंपतियों के बीच सुलह हुई है उन दंपतियों को न्यायाधीश के द्वारा समझाइश भी दी ताकि पति-पत्नी के बीच फिर से किसी बात को लेकर विवाद न हो।
वकीलों ने किया कोर्ट परिसर में प्रदर्शन -
नेशलन लोक अदालत के एक दिन पहले ही अभिभाषक संघ ने बहिष्कार करने की घोषणा कर दी थी। शनिवार को किसी भी वकील ने लोक अदालत से संबंधित कार्य नहीं किया। संघ के सदस्यों ने कोर्ट परिसर में प्रदर्शन भी किया। इधर संघ के पदाधिकारी परिसर में घूमकर यह भी देख रहे थे कि कहीं कोई वकील लोक अदालत से संबंधित कार्य तो नहीं कर रहे है।
Published on:
09 Sept 2018 04:16 am
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