
इंदौर. प्लॉट की एनओसी जारी करने के लिए डेढ़ लाख की रिश्वत मांगने के आरोपी वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षक प्रवीण जैन ने एनओसी तैयार कर रखी थी। रिश्वत नहीं मिली तो हस्ताक्षर नहीं किए। दस्तावेज की जांच में लोकायुक्त टीम को तैयार एनओसी मिली थी। निरीक्षक ने रिश्वत की राशि अपने बैग में रखी थी, जिसे लोकायुक्त ने जब्त कर लिया।
बुधवार को ऑफिस खुलने के समय से लोकायुक्त डीएसपी प्रवीणङ्क्षसह बघेल की टीम श्रम शिविर पर तैनात थी, लेकिन सहकारिता निरीक्षक प्रवीण जैन दोपहर करीब 1 बजे बाद ऑफिस पहुंचे। ऑफिस में बैठने के बाद फरियादी कुशाग्र शर्मा से 50 हजार की रिश्वत लेकर अपनी बैग में रखी, तभी बघेल की टीम वहां पहुंच गई। बघेल के मुताबिक, जैन के बैग में काफी दस्तावेज थे। बैग को जब्त किया है।
डीएसपी बघेल के मुताबिक, फरियादी से प्लॉट की एनओसी जारी करने के लिए डेढ़ लाख रुपए की मांग की गई थी। जिस एनओसी के लिए रिश्वत मांगने का आरोप था, वह भी तैयार मिली लेकिन निरीक्षक ने हस्ताक्षर नहीं किए थे। रिश्वत की राशि मांगने की अफसरों ने ऑडियो रिकॉर्डिंग भी कराई।
रिकॉर्डिंग चेक करेंगे
फरियादी ने लोकायुक्त अफसरों को बताया कि राशि मांगने के दौरान जैन ने कहा था कि राशि में वरिष्ठ अफसरों को भी हिस्सा देना पड़ता है। पटेल के मुताबिक, रिकॉर्डिंग को चेक करेंगे और अन्य अफसरों का नाम सामने आता है तो उन्हें नोटिस देकर बुलाया जाएगा। गौरतलब है कि वर्तमान प्रभारी अफसर के कार्यकाल में ही चार अधिकारी रिश्वत लेते हुए पकड़े जा चुके हैं, जिसके कारण कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए है।
Published on:
08 Sept 2023 07:18 pm
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