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इंदौर. दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बस हादसे जैसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र लिखा है। दिलचस्प है कि इसमें उन्होंने अगले शिक्षा सत्र से दिल्ली की आप सरकार के तर्ज पर मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाने की सलाह दी है।
लोकसभा स्पीकर ने पत्र में दिल्ली की केजरीवाल सरकार की तरह ही मप्र में भी स्कूलों पर लगाम लगाने के लिए नियम बनाने की बात कही है। इसमें बच्चों की सुरक्षा के साथ चूक करने वाले स्कूलों को टेकओवर करने, बच्चों के घर से पांच किमी के दायरे वाले सरकारी और निजी स्कूलों में ही प्रवेश कराने जैसे नियमों को लागू करने पर विचार करने की बात कही है। अभी इंदौर में कई जगह पर बच्चों को स्कूल से घर तक पहुंचने में ही घंटे भर से ज्यादा समय लग जाता है। स्कूलों के वाहनों को शहर से बाहर न जाना पड़े, इसको लेकर भी प्रयास किए जा सकते हैं।
सीबीएसई में पालन कराने की व्यवस्था नहीं
सांसद प्रतिनिधि राजेश अग्रवाल ने पत्र में लिखा है कि उन्होंने सीबीएसई अध्यक्ष से भी बात की है, लेकिन उनकी गाइडलाइन के पालन और निगरानी के लिए राज्यों में कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। इसके बाद दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात कर व्यवस्था को समझा।ये सुझाव भी दिए
- स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए जीरो टालरेंस नीति सुनिश्चित हो।
- स्कूलों में छोटे-बड़े बच्चों और कर्मचारियों के लिए अलग-अलग शौचालय हों।
- स्कूल प्रबंधन तय करें कि हर महत्वपूर्ण जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हों।
- स्कूल स्टाफ का पुलिस वेरीफिकेशन अनिवार्य हो।
- स्कूल बस के ड्रायवर-कंडक्टर के आचरण तथा सडक़ पर नियम पालन की मानिटरिंग की जाए। लाइसेंस की कड़ाई से जांच हो।
- ड्रायवर-कंडक्टर की नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य की भी जांच हो। ताकि इसके चलते कोई हादसा न हो।
- सभी स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर समिति बनाई जाए, जिसमें पालक प्रतिनिधि भी हों। समिति की बैठक प्रति माह हो।
- ऑनलाइन पोर्टल पर सभी बिंदुओं का पालन करने की रिपोर्ट स्कूल प्रबंधन नियमित रूप से दें।
Published on:
06 Mar 2018 10:31 am
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