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चंद्रग्रहण: शाम 6.20 बजे खत्म होगा सूतक काल, फिर मनेगी देव दिवाली, न करें ये काम

सूतक हटने के बाद होगा दीपदान....

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Lunar eclipse

इंदौर। इस साल का आखिरी चंद्रग्रहण आज यानि कार्तिक पूर्णिमा पर होने जा रहा है। देश में दृश्य होने के चलते इस ग्रहण का सूतक काल भी मान्य होगा। शहर के सभी प्रमुख मंदिर खजराना गणेश, रणजीत हनुमान, अन्नपूर्णा मंदिर आदि में सुबह से ही पट बंद कर दिए गए हैं। रात 8 बजे चंद्रग्रहण की समाप्ति पर मंदिरों के शुद्धिकरण के बाद आरती व देव दिवाली मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य पं. धीरज दीक्षित ने बताया कि ग्रहण दोपहर 2.41 बजे से शुरू होकर शाम 6.20 बजे समाप्त होगा। इसका मोक्ष काल शाम 7.25 बजे रहेगा। वहीं, भारत में चंद्रग्रहण चंद्रोदय के साथ शाम 5. 20 बजे से दिखना शुरू होगा।

मान्यता के अनुसार सूतक काल में पूजा वर्जित मानी जाती है। इसलिए उचित होगा कि ग्रहण व घर में ही रहकर भगवान का ध्यान करें, इस समय आप भजन कीर्तन कर सकते हैं। इसके अलावा ग्रहण के दौरान भोजन आदि खाद्य पदार्थों में तुलसी की पत्ती डालकर रखनी चाहिए। ग्रहण के बाद किसी भी खाद्य पदार्थ को ग्रहण करते समय तुलसी का होना अनिवार्य माना जाता है। ग्रहण में किया गया दान अमृत तुल्य माना गया है।

चंद्रग्रहण की अवधि

-स्थानीय समय के अनुसार ग्रहण की अवधि 45 मिनट 48 सेकंड।

-उपच्छाया से पहला स्पर्श- दोपहर 01.33 बजे।

-उपच्छाया से आंतिम स्पर्श- शाम 07.25 बजे।

सूतक काल का समय

सूतक काल प्रारम्भ- सुबह 09.21 बजे।

सूतक काल समाप्त- शाम 06.20 बजे।

ग्रहण के बाद हजारों दीपो में होंगे प्रभु वेंकटेश के दर्शन

छत्रीबाग स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान में मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली दीपोत्सव मनाया जाएगा। उत्सव स्वामी विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज के मंगलाशासन में मनेगा। पंकज तोतला ने बताया कि ग्रहण शुद्ध होने के बाद पूरे देवस्थान को पानी से धोया जाएगा। साथ ही एकांत में भगवान का महाभिषेक और भगवान के सभी विग्रह को स्नान कराया जाएगा। इसके बाद प्रभु का शृंगार व भोग लगाकर रात 9 बजे पट खोले जाएंगे। लगभग 10 हजार दीपो से मंदिर को सजाया जाएगा। रात 9 बजे महाआरती की जाएगी।

दीपदान के लिए विशेष प्रबंध

केसरबाग रोड स्थित प्राचीन अहिल्या माता गोशाला पर चंद्रग्रहण को देखते हुए शाम सात बजे से दीपदान, गोपूजन व गोसेवा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। गोबर के दीपक, शुद्ध तेल, बाती, एवं पूजन सामग्री सहित पंडित यहां आम गोभक्तों के लिए उपलब्ध रहेंगे।