मंगल की महादशा
मंगल को वीरता, छोटा भाई, शत्रु और भूमि का कारक माना गया है। यदि आपकी लग्न कुंडली में मंगल उच्च का होकर मकर राशि में है या तीसरे या छठवें भाव में है तो आपको मंगल के दशा में लाभ होगा। कर्क और मीन राशि के जातकों के लिए मंगल की महादशा लाभदायक होती है। वृषभ, कन्या और मकर राशि के जातकों को मंगल की महादशा में अत्याधिक क्रोध के कारण हानि हो सकती है।
ये करें-
भूमि, स्वास्थ्य और रोजगार संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए हनुमत आराधना कर एक तांबे का सिक्का अपने पास हमेशा रखें।
बुध की महादशा
बुध को विद्या, बुद्धि, विवेक और कार्यक्षमता का कारक ग्रह माना गया है। यदि आपकी लग्न कुंडली में बुध कन्या राशि में अवस्थित उच्च का है या चौथे अथवा दशम भाव में है तो बुध की महादशा आपके लिये विकास के बहुत सारे अवसर लेकर आएगी। वैसे तो बुध की महादशा सभी के लिए सामान्य होती है लेकिन कन्या व मिथुन राशि के जातकों के लिए उत्तम होती है। मीन राशि के जातकों के निर्णय बुध की महादशा में गलत हो सकते हैं।
ये करें-
विद्या प्राप्ति और कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए बुध की महादशा में विधारा की जड़ धारण करें। गणेश जी का प्रतिदिन पूजन करें।