शहर में मराठी साहित्य संकलन व गतिविधियों को संचालित करने के लिए महाराष्ट्र साहित्य सभा का गठन किया गया था। वर्षों से इसमें मराठी समाज के कई आयोजन होते आए हैं। साहित्यकारों के लिए यहां मराठी साहित्य का ग्रंथालय भी है। पिछले साल संस्था का शताब्दी वर्ष था। इसमें विशेष आयोजन करने को लेकर विवाद होने के बाद से सभा सदस्यों में मनमुटाव उभरकर सामने आया, जिससे संस्था प्रभावित हुई।