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महाराष्ट्र साहित्य सभा की सदस्यता पर रोक

 शताब्दी समारोह में हुए विवाद के बाद से कार्यकारिणी की बैठक तक नहीं हुई

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Veejay Chaudhary

May 08, 2016

sabha

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इंदौर.
शहर के महाराष्ट्रीयन समाज की सौ साल पुरानी प्रतिष्ठित संस्था महाराष्ट्र साहित्य सभा में नई सदस्यता पर रोक लग गई है। सभा के ट्रस्टी मुकुंद कुलकर्णी ने कार्यकारिणी को पत्र लिखकर सदस्यता पर रोक लगाने की सलाह दी थी।

कुलकर्णी ने कार्यकारिणी को कहा कि सदस्यता के लिए तय आजीवन शुल्क 250 रुपए है, इसे संशोधित करने पर विचार होना चाहिए। इसके बाद से ही सदस्य बनाने की प्रक्रिया रोक दी गई है। कुलकर्णी ने कहा कि समय के साथ विधान मंे बदलाव की जरूरत होती है। इसे देखते हुए मैंने सुझाव दिया था।


शताब्दी समारोह आयोजन को लेकर हुए विवाद में अध्यक्ष व सचिव के इस्तीफा देने के बाद से ही संस्था में स्थिति बिगड़ गई है। महीनों से संचालक मंडल की बैठक ही नहीं हुई है।


शहर में मराठी साहित्य संकलन व गतिविधियों को संचालित करने के लिए महाराष्ट्र साहित्य सभा का गठन किया गया था। वर्षों से इसमें मराठी समाज के कई आयोजन होते आए हैं। साहित्यकारों के लिए यहां मराठी साहित्य का ग्रंथालय भी है। पिछले साल संस्था का शताब्दी वर्ष था। इसमें विशेष आयोजन करने को लेकर विवाद होने के बाद से सभा सदस्यों में मनमुटाव उभरकर सामने आया, जिससे संस्था प्रभावित हुई।


ग्रंथालय की हालत दयनीय

संस्था सदस्य अनिल कुमार धड़वईवाले का कहना है कि समिति की बैठक ही नहीं हो रही है। ऑडिट भी नहीं कराया गया। रजिस्ट्रार फर्म व सोयायटी को शिकायत किए छह माह का समय बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। पिछले साल ही संस्था ने अपने सौ साल पूरे किए हैं। शताब्दी समारोह के दौरान ही अध्यक्ष रमेश खांडेकर और सचिव मिलिंद देशपांडे ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद अनिल मोडक को अध्यक्ष व गीतेश भिसे को सचिव बनाया गया। उपाध्यक्ष पद खाली है। ग्रंथालय की हालात दयनीय होती जा रही है।

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