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लंदन में हुई शादी, बैंक में की नौकरी और 200 को दी नौकरी

- सीसटैंगो कंपनी की स्थापना की, पांच शहरों में फैला है नेटवर्क, युवाओं को लंदन में रोजगार देकर बना रही आत्मनिर्भर  

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इंदौर

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Amit Mandloi

Feb 25, 2018

seestago london

- महिलाओं और युवातियों के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कार्यक्रम कर रही आयोजित

इंदौर. बेटियां शादी के बाद दो परिवारों को जोडऩे के साथ-साथ अपने सरल व सौम्य व्यवहार से दोनों ही कुल का समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ाती है। तो वहीं अब बेटियां उच्च शिक्षा पाकर विभिन्न क्षेत्रों में अपने कार्य से परिवार, समाज और देश का नाम भी रोशन कर रही हैं। आज बेटियां बेटों की तरह काम करके अपने माता-पिता का तो गौरव बढ़ा ही रही हैं साथ ही समाज में भी मान-सम्मान और प्रतिष्ठा पा रही हैं।

सांवेर में पली-बढ़ी बेटी विनीता राठी इंदौर से लंदन तक का सफर तय कर आसमान की बुलंदियों तक पहुंची हैं। सांवेर में खंडेलवाल परिवार में जन्मी विनीता आज लंदन में अपने देश का नाम तो रोशन कर ही रही हैं साथ ही देश के युवाओं को रोजगार और महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कार्यक्रम भी चला रही हैं।

लंदन तक का सफर नहीं था आसान
विनीता ने बताती हैं इंदौर से लंदन तक का सफर तय करना आसान नहीं था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिगंबर स्कूल से प्राप्त की। इसके पश्चात देवी अहिल्या विश्व विद्यालय से आईटी में इंजीनियरिंग पूरी कर लंदन में गोल्डमैन बैंक में काम की शुरूआत की। अपनी कार्यकुशलता एवं योग्यता से 3 साल में ही उन्हें बैंक की टेक्नोलॉजी विभाग की वाईस प्रेसिडेंट पर नियुक्ति मिल गई। लेकिन लंदन में भारतीय इंजीनियर्स की योग्यता का सही उपयोग न हो पाना सदैव उन्हें खलता था। उनकी योग्यता एवं अनुभवों का सही उपयोग हो सके इसके लिए उन्होंने इंदौर में नीलेश राठी के साथ मिलकर सीसटैंगो कंपनी की स्थापना की। जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं युवाओं को आधुनिकतम टेक्नोलॉजी का ज्ञान प्राप्त करना एवं उनकी प्रतिभा को दुनिया के सामने लाना था। विनीता राठी ने बताया कि सीसटैगों वेब एवं मोबाइल डेवलपमेंट बूटकैंप में युवाओं को सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी की सही जानकारी देना तथा उन्हें सही मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण दिया जाए ताकि देश के युवा लंदन में भी अपने देश का नाम रोशन कर सकें।

देश के युवाओं को रोजगार
विनीता ने बताया लंदन में सीसटैंगो कंपनी की स्थापना करने का उद्देश्य यह है अपने देश के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिल सके साथ ही भारत के इंजीनियरों की योग्यता पश्चिमी देशों तक भी पहुंचाई जा सके। जिसमें यहां के युवा पूरी दुनिया में अपने शहर और देश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने बताया अभी सीसटैंगो कंपनी में 200 से अधिक कर्मचारी इस कंपनी में कार्य कर रहे हैं। इसमें से अधिकतर भारत से ही है।

पांच शहरों में फैला है नेटवर्क
लंदन की सीसटैंगो कंपनी देश के युवाओं को लंदन में रोजगार मुहिया कराने के साथ-साथ अन्य देशों में भी युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। यह पांच देशों में युवाओं को रोजगार दे रही हैं जिनमें मप्र का इंदौर शहर भी शामिल है। साथ ही यह कंपनी लंदन, वाशिंगटन, सिडनी और ऑस्ट्रेलिया में भी युवाओं को रोजगार देने जा रही है।