
पानी की पाइप लाइन बिछा रही कंपनी के काम से महापौर नाराज
इंदौर .अमृत प्रोजेक्ट के तहत शहर में पानी की नई लाइन बिछाने और पुरानी को बदलने का काम नगर निगम कर रही है। इस काम का ठेका जिस एलएंडटी कंपनी को दिया गया है, उससे महापौर खुश नहीं हैं। नाराजगी की वजह कंपनी का सही तरीके से काम नहीं करना और निगम के जिम्मेदार अफसरों का ध्यान नहीं देना है। जल्द ही पानी की पाइप लाइन बिछाने के कामों की समीक्षा होगी और निगम के जिम्मेदार अफसरों की क्लास लगने सहित ठेकेदार कंपनी पर गाज गिरेगी। काम सही न करने पर कंपनी को टर्निमेट भी किया जा सकता है।
शहर से 70 किलोमीटर दूर से नर्मदा के तीनों चरण मिलाकर 450 एमएलडी पानी आ रहा है। बावजूद इसके शहर में जगह-जगह जलसंकट है। पाइप लाइन फूटने या फिर जलूद में फॉल्ट होने और वॉल्व बदलने सहित अन्य किसी वजह से सप्लाय अलग प्रभावित हो रही है। गर्मी के चलते शहर में किल्लत बढ़ती जा रही है, क्योंकि पानी वितरण को लेकर निगम के पास अभी कोई मैनेजमेंट नहीं है। इसीलिए नर्मदा का 450 एमएलडी पानी आने के बाद भी शहर के कई क्षेत्र प्यासे हैं। अमृत प्रोजेक्ट के तहत जहां पानी के मैनेजमेंट को सुधारने की प्लानिंग है, वहीं शहर में नर्मदा की नई पाइप लाइन बिछाने और जर्जर को बदलने के साथ डॉयरेक्ट सप्लाय बंद करने के लिए टंकी से पाइप जोड़े जा रहे हैं। इस काम को अंजाम एलएनटी कंपनी दे रही है, लेकिन सही ढंग से नहीं। पाइप डालने के बाद कंपनी न तो सही ढंग से गड्ढे भर रही और कई जहग काम अधूरा छोड़ रखा है। इस वजह से उस क्षेत्र की जनता परेशान हो रही है, जहां पर काम चल रहा है। कंपनी को पाइप लाइन डालने के बाद गड्ढे भरने के लिए तय पैमाने के हिसाब से काम करना है, लेकिन कंपनी गड्ढा खोदने के बाद पाइप डालने के बाद जेसीबी से सीधे मिट्टी डालकर गड्ढा भर रही है। इस तरह भरे गए गड्ढे बारिश के दिनों में लोगों के लिए परेशानी बन जाएंगे। एलएनटी कंपनी काम में लापरवाही न बरते। यह देखने की जिम्मेदारी कंसलटेंट और प्रोजेक्ट से जुड़े निगम अफसरों की है, लेकिन वे ध्यान ही नहीं देते हैं।
जिन वार्डों में एलएनटी ने घटिया स्तर पर काम किया है, वहां के पार्षदों ने शिकायत महापौर मालिनी गौड़ से की है। शिकायत पर महापौर गौड़ ने अपने स्तर पर जांच करवाई, तो सही पाई गई। इस पर उन्होंने कंपनी के कामकाज पर नाराजगी जाहिर करने के साथ एलएनटी कंपनी को टर्निमेट करने तक की बात कही है। इसके पहले अमृत प्रोजेक्ट से जुड़े अफसरों की क्लास लगाने के साथ एलएनटी के कामों की समीक्षा होगी। इसमें काम के प्रति लापरवाही के चलते कईयों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है, क्योंकि एलएनटी के कामकाज से महापौर गौड़ नाराज है।
प्रमुख सचिव भी जता चुके नाराजगी
महापौर गौड़ से पहले नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे भी अमृत प्रोजेक्ट के तहत इंदौर में चल रहे काम को लेकर भोपाल में नाराजगी जाहिर कर चुके है। गौरतलब है कि अमृत का काम नवंबर- 2019 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है।
पानी की किल्लत
शहर की कई कॉलोनी-मोहल्लें ऐसे है, जहां पर नर्मदा की पाइप लाइन नहीं है। लोगों की जलापूर्ती बोरवेल या फिर निगम के टैंकर के जरिए होती है। गर्मी के चलते बोरवेल सूख रहे हैं। इस कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। किल्लत देख ही जिन जगहों पर नर्मदा का पानी नहीं पहुंचता, वहां पर नर्मदा की टंकी का निर्माण करने के साथ सप्लाय लाइन डालने का काम किया जा रहा है।
424 किलो मीटर तक डाली लाइन
शहर में 1183 किलोमीटर तक पानी की नई सप्लाय पाइप लाइन डाली जाना है। इसमें से अभी तक 424 किलोमीटर तक डल गई है। 250 किलोमीटर तक शहर में नर्मदा की वह पाइप लाइन बदली जाएगी, जो कि पूरी तरह जर्जर हो गई है। आए दिन लीकेज होने के साथ फूटती रहती और पानी व्यर्थ बहता रहता है। इसलिए नई पाइप लाइन बिछाने के साथ जर्जर को बदलने पर भी काम किया जा रहा है। काम कछुआ चाल के साथ लापरवाहीपूर्वक चल रहा है। टंकियों को भरने के लिए 69 किलोमीटर की फीडर मेनलाइन डाली जा रही है, जो कि
50 किलोमीटर तक डल चुकी है।
अमृत प्रोजेक्ट के तहत पानी की नई पाइप लाइन बिछाने का काम एलएंडटी कंपनी कर रही है। कंपनी का काम ठीक नहीं है, इसलिए प्रोजेक्ट के कामों की जल्द होने वाली समीक्षा के दौरान कंपनी को टर्निमेट करने की कार्रवाई की जा सकती है।
- मालिनी गौड़, महापौर
Updated on:
31 May 2019 03:16 pm
Published on:
31 May 2019 03:09 pm
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
