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MP में आकार ले रहा ‘मेडिकल टूरिज्म’, पड़ोसी देशों से आ रहे हैं पर्यटक

देश का दिल देखा, अब दवा भी....

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Medical tourism

इंदौर। कहावत है-पहला सुख निरोगी काया, इसलिए स्वास्थ्य से लेकर धन-वैभव की सिद्धि का एकात्म मंत्र देने वाले भगवान धन्वंतरि पूजनीय हैं। उनकी आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति दुनियाभर में मेडिकल टूरिज्म के रूप में विस्तार ले रही है। इसका राष्ट्रीय रोडमैप तैयार किया गया है। इससे अपना प्रदेश भी मेडिकल टूरिज्म से जुड़ गया है। पर्यटन विभाग ने महेश्वर, पचमढ़ी, कान्हा, बांधवगढ़ और इंदौर-भोपाल रीजन में वेलनेस सेंटर शुरू किए हैं। यहां देशी-विदेशी पर्यटक पंचकर्म, फिजिकल थैरेपी, योग आदि आयुर्वेद पद्धतियों से उपचार ले रहे हैं। प्रदेश में पांच नए सेंटर भी प्रस्तावित हैं।

पद्धति को ब्रांड बनाने का लक्ष्य

मेडिकल टूरिज्म के अंतर्गत आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी (आयुष) जैसी वैकल्पिक भारतीय उपचार पद्धतियों को शामिल करने पर जोर है। इससे पर्यटकों को देशभर में फैले निरोगता केंद्रों से जोड़ने और इलाज की देशी पद्धतियों को ब्रांड की तरह स्थापित करने का लक्ष्य हासिल करना है। चिकित्सा के लिए 5 वर्ष में 50 से ज्यादा देशों के पर्यटक भारत आए। हर साल इनकी संख्या 3 से 6 लाख तक होती है।

हम होंगे कामयाब

योग और आयुर्वेद चिकित्सा की ज्ञात-अज्ञात संस्थाओं का नेटवर्क मजबूत करने और चिकित्सा-स्वास्थ्य पर्यटन के जरिये इलाज को सुलभ बनाने की कोशिश के तहत प्रभावी ब्रांडिंग ऑनलाइन तरीके से भी की जाएगी। इसका मेडिकल वेल्यू ट्रेवल (एमवीटी) पोर्टल तैयार किया गया है। चिकित्सा स्थल तक पहुंच मार्गों के विस्तार के अलावा ढांचागत संरचना तैयार की जानी है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय चिकित्सा और कल्याण पर्यटन बोर्ड गठित किया गया है। यह इससे संबंधित समस्याओं और शिकायतों का भी त्वरित निराकरण करेगा।

पर्यटन विभाग प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। विभिन्न पर्यटन स्थलों में वेलनेस सेंटर के माध्यम से देशी-विदेशी पर्यटकों को जोड़ा जा रहा है। पांच से सात दिनों का इसका पैकेज तैयार कर रहे हैं। -एनके स्वर्णकार, सीनियर मैनेजर, टूरिज्म कॉर्पोरेशन

पर्यटकों के लिए आसान प्रक्रिया

चिकित्सा पर्यटकों की मुश्किल कम करने के लिए आसान वीजा प्रक्रिया अपना रहे हैं। इलाज के लिए आने वाले विदेशी यात्रियों को चिकित्सा वीजा उपलब्ध कराया जाएगा। ऑनलाइन वीजा का भी प्रावधान है, जो मेडिकल वीजा और ई-मेडिकल अटेंडेंट वीजा के रूप में दिया जाएगा।

पड़ोसी देशों के पर्यटक अधिक

देशी पद्धति से इलाज कराने वाले पड़ोसी देशों में बांग्लादेश के पर्यटक अधिक हैं। अफगानिस्तान, मालदीव, इराक, ओमान आदि से भी लोग उपचार करवाने आते हैं। टॉप-20 देशों की सूची में अमरीका, ब्रिटेन जैसे देश भी हैं। नेपाल, पाकिस्तान, चीन से आने वालों की संख्या कम है।