
haat maidan
डाॅ. आंबेडरनगर महू. शादी मंडपम् प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की अब संभावाएं बढ़ गई हैं। 2.89 करोड़ रूपए के इस प्रोजेक्ट को आकार देने के लिए कैंटबोर्ड को पहली किश्त के तौर पर 73 लाख रूपए का हाल ही में अलाॅटमेंट लेटर प्राप्त हुआ और जल्द ही राशि कैंटबोर्ड के खाते में आएगी। लेकिन जिस स्थान का चयन प्रोजेक्ट के लिए किया, वह जीएलआर में स्कूल के उपयोग के लिए दर्ज है और उसका उपयोग बदलने के लिए कैंटबोर्ड से कमान मुख्यालय जीओसी-इनसी को प्रस्ताव भेज दिया है। जहां से उपयोग परिवर्तन के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की एमएसडीपी यानी मल्टी सेक्टोरल डेवेलपमेंट प्रोग्राम के तहत इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिली है। करीब डेढ़ साल पहले एमएसडीपी की ओर से कैंटबोर्ड को शादी मंडपम् का प्रस्ताव दिया गया था। जिस पर कैंटबोर्ड ने स्थान का चयन किया। और हाट मैदान स्थिति पुराने स्कूल भवन के स्थान को प्रोजेक्ट के लिए उपयुक्त पाया। और इस जमीन का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर विभाग का भेजी गई। इसके बाद एमएसडीपी विभाग की ओर इसके संचालन के मापदंड भेजे गए। जिसमें बताया गया कि सभी वर्गों को यह भवन वैवाहिक व सामाजिक कार्यक्रमों के लिए रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके संचालन के लिए समिति की भी बनेगी। जिसे बोर्ड से पास भी किया गया। हालांकि लंबे समय बीतने के बाद इस प्रोजेक्ट को लेकर कोई हलचल नहीं हुई। और अब एमएसडीपी से इस प्रोजेक्ट के लिए पहली किश्त के तौर पर 73 लाख रूपए की राशि उपलब्ध कराने का पत्र भेजा गया। चूंकि हाट मैदान पर जिस स्थान का चयन किया गया, वहां कैंटबोर्ड का पुराना स्कूल था। जो 20 वर्षों से भी अधिक समय से बंद व भवन खंडहर हालत में हैं। साथ ही यह जमीन जीएलआर में स्कूल भवन के उपयोग के लिए दर्ज है। अब चूंकि कैंटबोर्ड को यहां शादी मंडपम् प्रोजेक्ट के तहत भवन बनाना है इसलिए इसका उपयोग बदलना है। और प्रक्रिया अनुसार भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया लखनउ स्थित कमान मुख्यालय जीओसी से ही होना है, इसलिए इसका प्रस्ताव वहां भेजा दिया है।
एक एकड़ क्षेत्र में आकार लेगा प्रोजेक्ट
शादी मंडपम् प्रोजेक्ट को एक एकड़ भूमि पर आकार दिया जाएगा। जिसमें भवन के अलावा ओपन स्पेस व खेल मैदान भी होगा। एमएसडीपी की भी कंडिशन थी कि इसके लिए कम से कम एक एकड़ जमीन होना चाहिए। इसलिए हाट मैदान का चयन किया गया। दो और स्थानों का चयन किया गया था लेकिन वहां जमीन का री-क्लासिफिकेशन करना पड़ता और वह प्रक्रिया लंबी थी जबकि हाट मैदान में उपयोग परिवर्तन करना है।
गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगा फायदा
प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब सवा दो करोड़ है। जिससे यहां शानदार भवन सहित आसपास बाउंड्रीवाॅल तैयार कर उसमें विभिन्न सुविधाएं जुटाई जाएंगी। जिसके तैयार होने के बाद वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों सहित सभी वर्गों को यह रियायती दर पर उपलब्ध हो सकेगा। चूंकि शहर में मैरिज गार्डन के रेट बहुत ज्यादा हैं इसलिए हर कोई इतना खर्च वहन नहीं कर पाता। लेकिन भविष्य में इसके लिए बेहतर सुविधा शादी मंडपम भवन के रूप में मिलेगी।
Published on:
13 Feb 2021 03:55 pm
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