
snakes
इंदौर। शहर के चिड़ियाघर (जू) में देश के सबसे खतरनाक सांपों को एक ही छत के नीचे देखा जा सकता है। चिड़ियाघर में देश के सबसे जहरीले सांप मौजूद हैं। इनमें एक हाथी को मारने के लिए पर्याप्त जहर रखने वाला किंग कोबरा से लेकर जमीन और पानी में रहने वाला चैकट किलबेट (डेंडू) भी हैं। चिड़ियाघर में देशभर से सांपों को दर्शकों के लिए लाया गया है। करीब 15 प्रजाति के सांप मौजूद हैं। इनमें से अधिकांश विषैले हैं। इन्हें देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं। चिड़ियाघर में विषधरों के लिए अलग से सर्पघर बनाया गया है। जिसमें लगभग 120 वर्गफीट की जगह एक-एक सर्प के लिए तय है। जिसमें प्राकृतिक आवासों के समान ही व्यवस्था की गई है।
इन प्रजातियों के हैं सर्प
डॉ. उत्तम यादव, प्रभारी चिड़ियाघर का कहना है कि किंग कोबरा, इंडियन कोबरा, बर्मिश पायथन, इंडियन रॉक पायथन, सेंड बोआ, कॉमन सेंडबोआ, बेंडेट रेसर, कॉमन क्रेक, रेड स्नेक, रसल वाइपर, रेटिकुरेटेड वाइपर, ग्रीन वाइन, बेंडेट क्रेक, चेकट किलबैक और बेंबू पिट वाइपर आदि। हमने चिड़ियाघर में जनता को सांपों के बारे में जानकारी देने के लिए विशेष सर्पगृह बनाया है, जिसमें विषैली प्रजातियों के साथ ही उन प्रजातियों के सांपों को भी रखा है जो आमतौर पर हमारे आसपास मिलते हैं। कोशिश रहती है कि इनके बारे में जनता को पूरी जानकारी मिल जाए। कई लोग मानते हैं कि सांप दूध पीते हैं, जबकि ये सही नहीं है। कोई 10 फीट तो कोई 14 फीट लंबाचिड़ियाघर में 10 फीट लंबे किंग कोबरा से लेकर 14 फीट लंबाई का बर्मिश पायथन तक मौजूद है। इनकी देखभाल के लिए यहां पर एक विशेष प्रशिक्षक को तैनात किया गया है।
जानिए किंग कोबरा की खास बातें
-किंग कोबरा इस दुनिया के सबसे खतरनाक सांपों में से एक माना जाता है।
-सबसे जहरीले सांप किंग कोबरा छह मीटर तक लंबा हो सकता है।
-किंग कोबरा अन्य सांपों को भी खा जाते हैं। चाहें वो जहरीले ही क्यों ना हो।
-उनके कांटने से एक हाथी की भी मौत हो सकती है।
-किंग कोबरा भी अन्य सांपों की तरह घोंसले बनाते हैं और अपने अंडों की रक्षा करते हैं।
-किंग कोबरा को कितना जहर का स्त्राव करना है ये वो खुद तय करते हैं। कई बार वो बिना जहर दिए भी काटते हैं।
-आमतौर पर किंग कोबरा बीस सालों तक जीते हैं।
-कई कोबरा अपने कद के एक-तिहाई हिस्से तक सीधे खड़े हो सकते हैं।
-कोबरा कई दिनों या महीनों तक बिना भोजन के रह सकते हैं।
-इनका जहर अगर आंखों में चला जाए तो सही इलाज ना मिलने से आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
Published on:
02 Aug 2022 12:02 pm
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