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101 साल के मांगीलाल बोले – 4 महीने से पेंशन नहीं मिली, कलेक्टोरेट में डांटकर भगा देते

इंदौर। कोई भी सरकार आए, कोई भी जाए कुर्सी पर बैठने के बाद हम बुजुर्गों की नहीं सुनते। चार माह से पेंशन बंद है। बैंक में जाओ तो वह इधर-उधर की बातें करते हैं। पोता व मैं कलेक्टोरेट भी गए। पोते को डांटकर भगा देते हैं।

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मध्यप्रदेश चुनाव 2023

अब पेंशन मिलेगी तो ही वोट डालूंगा भले ही अफसर घर से वोट क्यों न डलवाने आएं। यह पीड़ा है, चंदन नगर निवासी 101 वर्ष के बुजुर्ग मांगीलाल मालाकार की। गोंदवाला कुआं के पास रहने वाले मांगीलाल अपनी लगभग 85 साल की पत्नी ताराबाई, बेटे-बहू व पोते के साथ रहते हैं। मांगीलाल 1984 में चंदन नगर में रहने आए थे, वह लकड़ी की मंडी में हम्माली का काम करते थे। पत्नी ताराबाई इस उम्र में भी आया का काम कर रही हैं।

इस बार विधानसभा चुनाव में 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर से ही वोट डालने की व्यवस्था प्रशासन ने की है, ताकि पोङ्क्षलग बूथ तक आने-जाने में होने वाली परेशानी से वे बच सके। बीएलओ मांगीलाल से उम्र संबंधित जानकारी लेने तो घर पहुंचे, लेकिन किसी ने भी पेंशन संबंधित समस्या का निराकरण नहीं कराया, इससे वे अधिक नाराज हैं। पोते आकाश ने बताया, वे दो बार बैंक गए और एक बार कलेक्टोरेट भी दादा को लेकर पहुंचे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। मांगीलाल की पेंशन को लेकर परिवार भी निराकरण चाहता है। वे मतदान के माध्यम से अपनी परेशानी हल कराना चाहते हैं।

चुनाव की तैयारी, अतिरिक्त बल से संभालेंगे व्यवस्थाएं

विधानसभा चुनाव के लिए 459 क्रिटिकल मतदान केंद्र तय हुए है, इसमें से करीब 50 प्रतिशत में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाएं जाएंगे। सशस्त्र बल की टीम इसकी सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी। मतदान को देखते हुए सभी केंद्रों को पुलिस बल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देख रहा है। इंटेलीजेंस डीसीपी हंसराज ङ्क्षसह की टीम काम कर रही है। डीसीपी के मुताबिक, चुनाव के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मांंगा गया है।

केंद्रीय सुरक्षा बल जिसमें सीआइएसएफ, आएएफ, एसएएफ की टीम मिलेगी। जहां गडबड़ी की आशंका है उन मतदान केंद्रों की व्यवस्था सशस्त्र बल के हाथ में होगी, बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह से निषेध रहेगा। अभी क्रिटिकल मतदान केंद्रों की सूची फाइनल नहीं हुई है। गड़बड़ी की शिकायतों के आधार पर संवेदनशील मतदान केंद्र तय होंगे। जितने केंद्र रहेंगे उसमें से करीब 50 प्रतिशत में कैमरे लगाए जाएंगे और सतत निगरानी होगी।

6 हजार बल रहेगा तैनात

मतदान वाले दिन करीब 4 हजार पुलिसकर्मियों के साथ ही करीब 2 हजार सशस्त्र बल की टीम, होमगार्ड के जवान सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात रहेंगे। महिला बल भी तैनात रहेगा। वरिष्ट अफसर पुलिस बल के साथ लगातार इलाके में भ्रमण करेंगे।