रोड के 300 मीटर के हिस्से में 85 पक्के मकान आ रहे हैं, जो लोगों ने वर्षोंं पहले बनाए थे। रहवासियों ने हाई कोर्ट में गुहार लगा कर रोड का अलाइनमेंट बदलने की मांग की है। कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश देते हुए आईडीए व शासन से जवाब मांगा है। इस रोड का निर्माण सिंहस्थ से पहले पूरा कर ट्रैफिक शुरू करने का लक्ष्य लेकर किया जा रहा है। भागीरथपुरा बस्ती के रहवासी शरदसिंह व अन्य की याचिका पर बुधवार को जस्टिस पीके जायसवाल की कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिभाषक गजेंद्र चौहान ने कहा, प्रशासन व आईडीए रहवासियों को हटाने की तैयारी कर रहे हैं। कोई नोटिस भी नहीं दिया। 85 से अधिक पूरी तकह तोड़े जाने वाले मकानों में अधिकांश मकान मालिकों के पास रजिस्ट्री है और नगर निगम से नक्शे स्वीकृत करवा कर मकान बनवाए हैं। यहां रहते इन्हें 50 साल से अधिक हो गए हैं। सभी तरह का टैक्स भी दिया जा रहा है।