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चाय की दुकान में पिलाते थे चाय, अब ‘जॉनी हॉट डॉग’ ने बनाया करोड़ों का मालिक

इंदौर का जॉनी हॉट डॉग, एशिया पेसिफिक का सबसे लोकप्रिय डिश

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इंदौर। किस्मत कब और किस तरह पलट जाए, यह कोई नहीं जानता, ऐसी ही कुछ कहानी इंदौर के विजय सिंह राठौड़ की है, जो कभी किसी चाय की दुकान में नौकर के तौर पर चाय पिलाकर मुश्किल से आठ रुपए महीना कमाया करते थे, लेकिन आज जॉनी हॉट डॉग बेचकर करोड़ों में खेल रहे हैं। हॉट डॉग ब्रांड ने विजय सिंह राठौड़ की जिंदगी में ऐसा बदलाव लाया कि आज वे करोड़पति हैं। जॉनी हॉट डॉग इंदौर में इतना लोकप्रिय है।

डॉग डिश की शुरुआत 40 साल पहले हुई थी

इस डिश ने 60 साल के विजय सिंह राठौड़ को भी दुनियाभर में मशहूर कर दिया है। 120 स्क्वेयर फीट की छोटी-सी दुकान पर मिलने वाली जॉनी हॉट डॉग ने इंदौर से लेकर हॉन्ग-कॉन्ग तक का सफर तय किया और अतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी जीत चुके हैं। जॉनी हॉट डॉग बेचने वाले राठौड़ इंदौर में दादू के नाम से पहचाने जाते हैं। विजय बताते हैं कि जॉनी हॉट डॉग डिश की शुरुआत 40 साल पहले हुई थी। वैसे तो इसकी शुरुआत स्टारलिट टॉकीज से हुई, मगर 1980 के दशक में इंदौर के 56 दुकान लेकर आए। जो पहले इंदौर में खानपान के लिए जाना-पहचाना नहीं हुआ करता था लेकिन अब पूरे देश में इसका नाम हो चुका है।

यह डिश देशी घी और मक्खन से बनती है और शायद ही इंदौर आने वाले किसी व्यक्ति ने इस डिश का स्वाद न चखा हो। इसलिए जॉनी हॉट डॉग को 2019 में सबसे ज्यादा लोकप्रिय वेंडर और मोस्ट हाई फ्रिक्वेंसी कैटेगरी के पुरस्कार से नवाजा गया। जॉनी हॉट डॉग डिश को एक दिन में औसतन तीन हजार से ज्यादा लोग ऑर्डर कर मंगाते हैं। हर हफ्ते छुट्टी के दिन यह संख्या 4 हजार से भी ज्यादा पहुंच जाती है। जॉनी हॉट डॉग के काउंटर का आधे से ज्यादा हिस्सा आपको वितरण केंद्र में तब्दील हुआ ही नजर आएगा।

राठौड़ किसान पिता के बेटे हैं, मगर उनके सपने बड़े रहे हैं। जॉनी हॉट डॉग को ब्रेड को रोल करके बनाया जाता है। पहले यह शाकाहारी था, मगर अब मटन हॉट डॉग भी मिलने लगा है। विजय की मानें तो मेरे बचपन में यहां एक सिनेमाघर था, जिसमें सिर्फ अंग्रेजी फिल्में ही लगती थीं। इन फिल्मों में इस तरह के हॉट डॉग को बेचा जाता था। यहां काफी चहल-पहल रहती और फिल्म देखने के बाद लोग कुछ खाते-पीते थे। यह थियेटर 70 के दशक में बंद हो गया। इसके बाद उन्होंने यहां हॉट डॉग बेचना शुरू किया।