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नर्मदा के पानी से नहीं धुल पाएंगे अपनी कार, नियम नहीं माने तो होगी कार्रवाई

ट्रीटेड वॉटर का होगा उपयोग, जल संरक्षण के लिए 16 नोडल सहित 50 से अधिक अफसरों की बनाई स्पेशल टीम, नियम नहीं माने तो होगी कार्रवाई

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इंदौर। शहर में तेजी से गिरते भू-जल स्तर को सुधारने के लिए निगमायुक्त शिवम वर्मा ने 50 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों की स्पेशल टीम बनाई है। इनमें से 16 नोडल अधिकारी जल शक्ति मिशन के कैच द रैन 2024 अभियान के तहत नियुक्त किए हैं। उनके साथ 40 से अधिक कर्मचारी भी भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए काम करेंगे। ये टीम एनजीओ, रहवासी संघ, शैक्षणिक संस्थाओं, औद्योगिक संस्थानों, तालाबों के कैचमेंट व चैनल आदि पर काम करेगी। निगमायुक्त नोडल अधिकारियों के कार्यों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा वॉशिंग सेंटर पर नर्मदा और बोरिंग के पानी का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है।

मालूम हो, इंदौर का भू-जल क्रिटिकल स्थिति में है। पत्रिका ने इस गंभीर संकट का खुलासा किया था। इसके बाद जल संचय अभियान शुरू किया गया। अगले दो दिन में शहर में वाटर रिचार्ज सॉफ्ट तैयार करने का काम शुरू हो जाएगा। नगर निगम ने रिचार्ज सॉफ्ट के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया है, जहां बारिश का पानी जमा होता है। सभी जोन से ऐसे स्थानों की सूची मिलने के बाद रिचार्ज सॉफ्ट का काम करने वाली कंपनी ने 100 स्थान चिन्हित किए हैं। रिचार्ज सॉफ्ट बनाने के लिए कलेक्टर कार्यालय से अनुमति मिलते ही काम शुरू किया जाएगा। दावा है कि इन 100 रिचार्ज सॉफ्ट के जरिए अरबों गैलन बारिश का पानी भूमि में उतारा जाएगा।

वॉशिंग सेंटर को निगम देगा ट्रीटेड वाटर

नगर निगम ने ऑटो मोबाइल वॉशिंग सेंटर संचालन में बोरिंग और नर्मदा के पानी का उपयोग करना प्रतिबंधित कर दिया है। यहां ट्रीटेड वाटर ही उपयोग होगा। यह पानी नगर निगम ही उपलब्ध करवाएगा। किसी सेंटर पर नर्मदा या बोरिंग के पानी का इस्तेमाल होते पाया गया तो उसे सील कर दिया जाएगा। इसके लिए अधिकारी को नियुक्त किया गया है।

नोडल अधिकारी करेंगे ये काम

-बैंकों के मैनेजर्स के साथ बैठक कर रिचार्ज यूनिट लगाने व जन भागीदारी से काम करवाएंगे।

-जल स्रोतों की सर्वे रिपोर्ट देंगे कि इनसे वाटर रिचार्ज किया जा सकता है या नहीं। तालाबों के कैचमेंट और चैनल से अतिक्रमण हटाएंगे।

-जी प्लस थ्री कमर्शियल बिल्डिंग में रैन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य।

-निर्माणाधीन और बिल्डर के पजेशन वाली कॉलोनी और टाउनशिप में रहवासी संघ से समन्वय कर शत-प्रतिशत रैन वाटर हार्वेस्टिंग करवाना।

-औद्योगिक क्षेत्र में एसोसिएशन से समन्वय पर शत-प्रतिशत रैन वाटर हार्वेस्टिंग करवाना।

-जल संरक्षण के कार्यों के लिए निगम में कॉल सेंटर तैयार किया जाएगा, जहां आमजन वाटर हार्वेस्टिंग आदि के लिए आवेदन कर सकेंगे।