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इंदौर से सिर्फ 50 मिनट में पहुंच जाएंगे ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग

ढाई घंटे अब नहीं लगेंगे बल्कि 50 मिनट में सफर होगा पूरा, इंदौर से ओंकारेश्वर का सफर, पहाड़ों के बीच विकास की इबारत, सुरंगों से सुहाना होगा सफर हादसे भी थमेंगे, बाइग्राम घाट सेक्शन के पहाड़ में 45 एमएम के छेद कर बना रहे सुरंग, पहली बार जानें आखिर कैसे बन रही सुरंग

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ढाई घंटे अब नहीं लगेंगे बल्कि 50 मिनट में सफर होगा पूरा

भूपेन्द्र सिंह्र इंदौर. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिग के दर्शन अब और आसान हो जाएंगे। इंदौर से अब सिर्फ 50 मिनट में ओंकारेश्वर पहुंच जाएंगे जबकि इस समय ढाई घंटे लग रहे हैं। इसके लिए इंदौर ऐतलाबाद हाईवे पर पहाड़ों को काटकर सुरंग बनाई जा रही है। खंडवा रोड के पहाड़ों और जंगलों में विकास की राह खोलने का काम जारी है। 24 घंटे पहाड़ों में छेद कर मजदूर नए रास्ते के लिए पसीना बहा रहे हैं। उनकी मेहनत से पहाड़, जंगल, नदी के बीच सफर सुहाना होगा और दुर्घटनाएं भी थमेंगी।

तेजाजीनगर से बलवाडा घाट सेक्शन तक एनएचएआइ तेजी से काम कर रहा है। हमने भंवरकुआं से बाइग्राम तक काम का जायजा लिया। यहां शनि मंदिर के पीछे पहाड़ काटकर सुरंग बनाई जा रही है। सिमरोल में आइआइटी के पास भी सुरंग बन रही है। घाट सेक्शन खत्म होने से हादसे थमेंगे। इस क्षेत्र का महाराष्ट्र, राजस्थान व दक्षिण से जुड़ाव होगा।

पहाड़ में सुरंग की गोलाई में तय दूरी पर 45 एमएम के कई छेद किए जाते हैं। इसमें टेमरॉक मशीन का उपयोग होता है। कर्मचारी हाथों से पावर जैल और मसाला छेदों में भरते हैं। पतली प्लास्टिक नली जैसे साधन से नॉन इलेक्ट्रिक डेटोनेटर डालते हैं। फिर छेदों में ब्लास्ट करते हैं। इससे 3.6 मीटर की सुरंग बनती है। रास्ता निकलने पर पहाड़ के ऊपर दोनों हिस्से में रॉक बोल्ट व माइक्रोजैल पावडर डाले जाते हैं ताकि पत्थर न गिरे। यहां कुल 480 मीटर की सुरंग बननी है।

एनएचएआइ के महाप्रबंधक सुमेश बांझल बताते हैं कि चोरल और भेरूघाट पर दोनों टनल और फ्लाई ओवर बनने के बाद हादसों पर रोक लगेगी। सड़क निर्माण में एक भी ब्लैक स्पॉट नहीं होगा। तेजी से काम किया जा रहा है। कई साइट 24 घंटे चल रही है। यह काम जनवरी 2025 तक पूरा कर लेंगे।

सुरंग बनाने का काम 5 जून से जारी है। 24 घंटे 30 से अधिक कर्मचारी, सुपरवाइजर काम कर रहे हैं। बारिश में भी काम बंद नहीं होता है। सुरंग में पानी भरने पर पंप से पानी बाहर निकालकर फिर काम शुरू कर देते हैं।

एक नजर में
33.4 किमी का तेजाजी नगर से बलवाड़ा तक घाट सेक्शन
924 करोड़ से सड़क, सुरंग, फ्लाईओवर बनेंगे
2025 जनवरी तक काम खत्म करने का लक्ष्य
50 मिनट में तय हो सकेगी इंदौर से ओंकारेश्वर तक का सफर, अभी ढ़ाई घंटे लगते है