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ग्लोबल सायबर चैलेंज ‘पीस-ए-थॉन’ में 25 तक ले सकेंगे हिस्सा

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इंदौर. टेक्नोलॉजी के दौर में सायबर सिक्योरिटी एक बड़ा इश्यू बन चुका है। दुनियाभर की टेक कंपनियां अब फेक न्यूज रोकने, ऑनलाइन सेफ्टी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स की सिक्योरिटी, डिजिटल पेमेंट सिक्योरिटी जैसे इश्यूज पर काम कर रही हैं। सरकार भी अब सायबर सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर युवाओं का पार्टिसिपेशन चाह रही है। समस्याओं को ध्यान में रख केंद्र सरकार की ओर से ग्लोबल सायबर चैलेंज ‘पीस-ए-थॉन’ का आयोजन किया जा रहा है।

इसके लिए बुधवार तक कोई भी व्यक्ति इसकी वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकेगा। पार्टिसिपेट इंडिविजुअल या अधिकतम तीन लोगों की टीम के साथ किया जा सकेगा। इसमें पहले से दी हुई कुछ समस्याओं के सॉल्यूशन देने होंगे। ‘पीस-ए-थॉन’ तीन राउंड में होगा। फस्र्ट राउंड में अधिकतम 10 स्लाइड में किसी भी प्रॉब्लम स्टेटमेंट का सॉल्यूशन देना होगा, जिसे अगले राउंड के लिए एक्सपर्ट पैनल तय करेंगे।

टॉप 80 सॉल्यूशंस को राउंड २ के लिए सलेक्ट किया जाएगा। इसमें कॉन्सेप्ट, एप या प्रोडक्ट का डीटेल प्रूफ देना होगा। जूरी के सामने इसका प्रजेंटेशन होगा। टॉप 10 सॉल्यूशन का ग्रैंड फिनाले दिल्ली में आयोजित होगा। बतौर अवॉर्ड पार्टिसिपेंट्स को कई अपॉच्र्युनिटीज मिलेंगी। गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के साथ इंटर्नशिप, सिविल ऑर्गेनाइजेशंस और सरकार के साथ वर्किंग, सायबर स्पेस कॉन्फ्रेंस में पार्टिसिपेशन के साथ रिकग्निशन के लिए सर्टिफिकेट देंगे।

बुलंदशहर की गैंग कर रही थी एटीएम फ्रॉड, दो धराए

कार्ड बदलकर अथवा नंबर देखकर फ्रॉड करने वाली गैंग के दो बदमाशों को पुलिस ने पकड़ा है। आरोपी मूल रूप से बुलंदशहर के हैं। इंदौर के साथ ही राजस्थान, यूपी में भी वारदात कर चुके हैं। सराफा व एमजी रोड में हाल ही में दो घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें एटीएम बूथ में मदद के बहाने बदमाशों ने एटीएम कार्ड बदल लिया और फिर उसके जरिए हजारों रुपए निकाल लिए थे। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने दो आरोपितों को हिरासत में ले लिया। ये बुलंदशहर में बिट्टू मेव गैंग के बदमाश हैं। डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्रा के मुताबिक, आरोपित करीब 50 वारदातें कर चुके हैं।