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सावधान! आपके रुपए पर है चीन, नाइजीरिया और पाकिस्तान के ऑनलाइन ठगों की नजर

ऑनलाइन ठगी का जाल: पहले भी चीन जा चुका है सवा करोड़

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सावधान! आपके रुपए पर है चीन, नाइजीरिया और पाकिस्तान के ऑनलाइन ठगों की नजर

सावधान! आपके रुपए पर है चीन, नाइजीरिया और पाकिस्तान के ऑनलाइन ठगों की नजर

ठगी के तरीके
१- सोशल मीडिया पर दोस्ती कर ठगते हैं नाइजीरियन

२- कौन बनेगा करोड़पति में इनाम के लिए पाकिस्तानी से आता है फर्जी कॉल
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इंदौर.
ऑनलाइन ठगी का जाल चुनौती बना हुआ है। पहले नाइजीरियन ठग सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर गिफ्ट व निवेश का झांसा देकर ठगी करते थे। बाद में कौन बनेगा करोड़पति में इनाम के कॉल पाकिस्तान से आने लगे और अब फायदे की एेप्लीकेशन के जरिए चीनी ठग सक्रिय हैं। इनसे बचने के लिए सतर्कता ही बेहतर उपाय है।

हाल ही में साइबर सेल ने खुलासा किया कि दिल्ली के जतिन सिंह व इंद्रनिल ने चीन के लोगों को फर्जी ऑनलाइन कंपनियां बनाकर दीं। उनके बैंक अकाउंट व पेमेंट गेट वे खुलवाए, जिससे ठगी के करीब साढ़े 22 लाख रुपए चीन ट्रांसफर हो गए। पेमेंट गेटवे में साढ़े 12 लाख रुपए थे, जिसे सीज करा दिया। इस दौरान १५ फर्जी कंपनियों से लोगों को ठगा गया। इससे पहले अगस्त 2021 में भी ठगी के करीब सवा करोड़ रुपए चीन पहुंचे थे।
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क्रिप्टो करंसी के रूप में ठगी की राशि पहुंची चीन
साइबर सेल ने अगस्त 2021 में मसाला कारोबारी के साथ हुई 27 लाख की ठगी का केस दर्ज किया था। मसाला कारोबारी को फायदे का झांसा देकर एेप्लीकेशन के जरिए राशि जमा कराई थी, लेकिन बाद में एप्लीकेशन बंद हो गई। एसपी जितेंद्र सिंह की टीम ने दिल्ली के सुखबीर सिंह व मनोज को गिरफ्तार किया था। मनोज सिक्योरिटी गार्ड था, उसके दस्तावेज से सुखबीर ने बैंक अकाउंट खुलवाया, जिसमें ठगी की राशि जमा हुई। भोपाल में भी कारोबारी से 97 लाख की ठगी की। दोनों मामलों में ठगी की राशि सुखबीर द्वारा खुलवाए मनोज के अकाउंट में जमा हुई। इसके बदले मनोज व सुखबीर को 50-50 हजार रुपए मिले थे। ठगी के सवा करोड़ रुपए 4-5 बैंक खातों से होते हुए विदेशी एक्सचेंज के जरिए क्रिप्टो करंसी (बिटक्वाइन) के रूप में चीन के लोगों को ट्रांसफर की गई। चीन का खाता मिला, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी। मनोज को जमानत मिल गई।

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दोस्ती व डुप्लीकेट सिम से ठगी में आगे नाइजीरियन

नाइजीरियन सोशल मीडिया पर दोस्ती कर गिफ्ट अथवा निवेश का झांसा देकर ठगी करते हैं। पिछले साल तुकोगंज इलाके के बुजुर्ग से दोस्ती कर गिफ्ट भेजने का झांसा देकर करीब 25 लाख ठगे थे। तंजानिया की महिला सहित दो को गिरफ्तार किया। साइबर सेल अभी तक चार नाइजीरियन को गिरफ्तार कर चुकी है। क्राइम ब्रांच ने भी दिल्ली से एक नाइजीरियन को पकड़ा था। कई बड़े कारोबारियों की डुप्लीकेट सिम निकलवाकर बैंक खाते से लाखों की ठगी करने में भी नाइजीरिया के लोग शामिल रहे हैं।
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९२ से आने वाला कॉल पाकिस्तान का
कौन बनेगा करोड़पति में इनाम खुलने का झांसा देकर ठगी करने में पाकिस्तान ठग शामिल हैं। लोगों को अकसर पाकिस्तान के कोड 92 से कॉल आता है और 25 लाख का इनाम खुलने का झांसा देकर वाट्सऐप पर वाइस कॉल करने को कहा जाता है। कॉल करने पर प्रक्रिया पूरी करने के एवज में लोग लाखों रुपए गंवा देते हैं। साइबर सेल में पाकिस्तानी नंबरों से कई कॉल आने की शिकायतें हो चुकी हैं।

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ऑनलाइन संपर्क की पुख्ता जांच जरूरी

विदेशी ठग कई तरीकों से ठगी कर रहे हैं। लोगों को ऑनलाइन संपर्क पर सहज विश्वास नहीं करना चाहिए। पुख्ता जांच कर लें। कई बार मुंबई-दिल्ली का पता बताकर ठग विश्वास जीत लेते हैं। भुगतान करने के पहले जांच कर लें। विश्वसनीय प्लेटफॉर्म के जरिए डील करने से धोखे की आशंका कम हो जाती है।
चातक वाजपेयी, साइबर एक्सपर्ट